फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: गाय-बकरी को लेकर दो पक्षों में तकरार, दो जिलों में दर्ज हुई एफआईआर

विज्ञापन
विज्ञापन
एक पक्ष ने बजरंग दल के नेता पर मारपीट व दबंगई का लगाया आरोप
विज्ञापन

दूसरी ओर गांव वालों ने पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज कराया मामला

गांव वालों ने घटना के दूसरे दिन सोहना में दर्ज कराया मामला तो दूसरे पक्ष ने 72 घंटे बाद दर्ज कराई एफआईआर

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम-फरीदाबाद। गुरुग्राम-फरीदबाद से सटे गांव में तीन लोगों पर पशु क्रूरता करने का आरोप है। गांव के लोगों ने बजरंग दल के नेताओं की मदद से पशुओं को फरीदाबाद की गो शाला में भिजवा दिया है। सोहना थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जबकि दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति ने फरीदाबाद के धौज थाने में बजरंग दल के नेता सहित सात लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कराया है। उसने आरोप लगाया है कि आरोपी उसकी 60 गाय और 18 बकरियों को लूटकर ले गए।
पुलिस आयुक्त कला रामचन्द्रन का कहना है कि सोहना थाना पुलिस ने गांव के लोगोंं के बयान पर मामला दर्ज किया है। एसीपी सोहना की ओर से जांच की जा रही है। एसीपी सोहना का कहना है कि आरोपियों की भूमिका अब तक की जांच में संदिग्ध पाई गई है। उनकी ओर से तीन दिन का समय मांगा गया है। जिसमें उनकी ओर से गांव वालों की गलतफहमी दूर करने की आपसी बातचीत की बात कही गई है।
विज्ञापन

दो पक्षों के बीच इस विवाद की शुरूआत विगत 30 जून को हुई थी। धौज इलाके में धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में पुलिस ने सात नामजद सहित करीब चालीस लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। खोरी जमालपुर निवासी साजिद खान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि बिट्टू बजरंगी व उसके साथी 30 जून को सोहना के बाईखेड़ा निवासी जमात अली की 60 गाय और 18 बकरियों को जबरन खोलकर ले गए। आरोपियों ने इलाके में यह बात फैला दी कि उक्त गोवंशों को काटने के लिए ले जाया जा रहा था। जबकि जमात अली गो-पालक है और वह बकरियां भी पालता है।
वादी ने पुलिस को बताया कि आरोपियों के पास हथियार थे, जिन्हें वह मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध भड़काऊ नारे लगाते हुए हवा में लहरा रहे थे। ग्रामीणों ने उनकी वीडियो बनानी चाही तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है आरोपी अपने राजनीतिक फायदे के लिए धार्मिक उन्माद फैलाना चाहते हैं। इससे पहले भी आरोपी कई बार झगड़ा कर हंगामा करने का कार्य कर चुके हैं। पुलिस ने बिट्टू बजरंगी, बल्लभगढ़ निवासी गोपाल, सतेंद्र, मोनू, पल्ला निवासी पंकज जैन, अनूप व डबुआ निवासी मोती खटाना समेत सात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दूसरी ओर बिट्टू बजरंगी के समर्थन में सुभाष, अमरजीत, आकाश के बयान पर सोहना थाना सदर पुलिस ने जमात अली, इरफान और हासिम के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर आरोप है कि वह गोकशी करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने एक ट्रॉली में चार गायों को बांधकर रखा था। बजरंग दल के बिट्टू व गांव वालों को इसकी जानकारी मिल गई थी। ऐसे में उन्होंने मौके पर पहुंचकर सभी गोवंशों को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराकर उन्हें गोशाला में रख दिया है।
-



दो दिन पहले धौज थाने में बिगड़ा था माहौल



धौज थाना इलाके में दो जुलाई को इसी मामले में कुछ धार्मिक संगठनों ने पंचायत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया था। इस दौरान मामला सुलझने की बजाय उलझता चला गया। बिट्टू बजरंगी का आरोप है कुछ लोगों ने उन्हें मारने की नीयत से उनका पीछा किया और गाड़ी पर पथराव किया। वह किसी तरह से जान बचाकर धौज थाना पहुंचे। यहां दोनों तरफ से अलग-अलग धर्मों के लोग एकत्रित हो गए और मामला गंभीर होता चला गया। पुलिस ने समय रहते मोर्चा संभाला और भीड़ को भगा दिया। मामले की गंभीरता को देख डीसीपी एनआईटी मौके पर पहुंचे और बिट्टू बजरंगी और उनके समर्थकों को मौके से सुरक्षित निकलवाया।
इसके कुछ देर बाद ही बिट्टू बजरंगी अपने समर्थकों के साथ डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान के कार्यालय पहुंचे और सुरक्षा की मांग की। डीसीपी ने बिट्टू को सुरक्षा कर्मी मुहैया कराने की बात को स्वीकार नहीं किया और सभी को कार्यालय से वापस भेज दिया। तीन जुलाई को दिल्ली के कुछ हिंदू संगठनों के समर्थकों ने बिट्टू के समर्थन में कुछ बयान भी जारी किए थे। डीसीपी एनआईटी नरेंद्र कादयान का कहना है किसी भी सूरत में कानून व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया जाएगा। जो भी दंगा भड़काने या किसी तरह का भड़काऊ बयान जारी करेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की साइबर सेल सोशल साइटों पर नगर बनाए हुए है। भड़काऊ सामग्री के प्रचार प्रसार करने वालों के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।
विज्ञापन





वर्जन

सोहना थाना पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज किया है। आरोपियों की ओर से अपनी सफाई में कुछ नहीं कहा गया है। जांच चल रही है। उनकी ओर से तीन दिन का समय मांगा गया है। - नवीन संधू, एसीपी सोहना, गुरुग्राम।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें