फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सर्वे में ड्यूटी लगाने पर शिक्षकों ने किया विरोध प्रदर्शन

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। परिवार पहचान पत्र के सामाजिक व आर्थिक सर्वे में बीएलओ के तौर पर प्राथमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगाने के विरोध में बृहस्पतिवार को राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ गुरुग्राम ने लघु सचिवालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने गुरुग्राम के एसडीएम जितेंद्र के माध्यम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम ज्ञापन सौंपा, जिसमें शिक्षकों को सिर्फ बच्चों की पढ़ाई कराने की मांग की गई।
विज्ञापन

शिक्षक संघ के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान ने कहा कि वर्तमान में परिवार पहचान पत्र के सामाजिक व आर्थिक सर्वे में बीएलओ के नाम पर एक बार फिर प्राथमिक शिक्षकों की ड्यूटी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगाई जा रही है। इसमें 80 फीसदी से ज्यादा बीएलओ प्राथमिक शिक्षकों को ही बनाया गया है। जबकि इसके लिए अन्य विभागों के नियमित कर्मचारियों के साथ-साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तक को भी बीएलओ बनाया जा सकता है परंतु प्रशासनिक स्तर पर जानबूझ कर केवल प्राथमिक शिक्षकों (जिनमें महिला शिक्षिकाएं भी हैं) को ही बीएलओ बनाया गया है। जब राजस्व विभाग के पास पटवारी जैसे सक्षम कर्मचारियों के होते हुए (जो इस प्रकार के कार्यों को करने में न केवल सक्षम व समर्थ हैं बल्कि पूरे प्रदेशभर के हर ग्राम स्तर तक भी उपलब्ध हैं।) ये सर्वे किसी भी स्थिति में उनसे करवाया जाना तर्कसंगत नहीं है।
जिला उप प्रधान रवि दहिया ने बताया कि महानिदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा द्वारा वर्ष 2013 में आरटीई एक्ट के तहत शिक्षकों को बीएलओ ड्यूटी से तुरंत मुक्त करने बारे सभी जिला उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश जारी किये थे परंतु अधिकारियों द्वारा अवहेलना की जा रही है।
विज्ञापन

खंड प्रधान विनोद शौकीन ने बताया कि हमारे शिक्षकों के प्रयासों से प्रदेशभर के स्कूलों में लाखों नये छात्र जुड़े हैं। ऐसे में इस प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्य जो हमसे किसी भी प्रकार से नहीं जुड़ा में ड्यूटी लगाने से न केवल शैक्षणिक काम बाधित हो रहा है।
धरना-प्रदर्शन में अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संघटन सचिव विनोद ठाकरान, नरेंद्र शर्मा, योगेश, मुकेश गहलोत, खंड प्रधान अभय यादव, चंपा सहित काफी संख्या में शिक्षक शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें