केंद्रीय बजट से व्यापारियों को उम्मीदें, बोले- मध्यम वर्ग की जेब में पैसा होगा तभी वे बाजार आएंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। केंद्रीय बजट से गुरुग्राम के व्यापार जगत को कर के सरलीकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर किए जाने और मध्यम वर्ग को कर के बोझ से राहत की उम्मीद है। व्यापारी ऐसा मानते हैं कि अगर मध्यम वर्ग की जेब में पैसा होगा तभी वे बाजार आएंगे। स्थानीय स्तर पर सड़क, परिवहन की बेहतर सुविधाएं व्यापार विस्तार के लिए बेहद जरूरी हैं। बजट में इन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए।
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जरूरी चीजों की कीमतें कम करने के उपाय हों
पेट्रोज-डीजल, गैस और रोजमर्रा की जरूरी चीजों की कीमतें कम करने के उपाय हों। मध्यम वर्ग को टैक्स से राहत मिले। रोजगार और स्किल डेवलपमेंट हों व युवाओं को नई नौकरियां मिलें। - डॉ. मंदीप किशोर गोयल, जिलाध्यक्ष भारतीय वैश्य महासम्मेलन
गारमेंट में 2500 रुपये के सामान पर 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है, यह कम किया जाए। रिटेल किराना व्यापारियों के पास कई तरह के आइटम होते हैं, उनकी बिलिंग प्रक्रिया अभी काफी जटिल है, उसे भी सरल किया जाए। - नरेश बंसल, महासचिव, गुड़गांव व्यापार मंडल
कर लेने के साथ सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करे। गंभीर वायु प्रदूषण, खराब सड़कें हॉस्पिटैलिटी उद्योग की कार्यप्रणाली और सप्लाई चेन और कर्मचारियों की स्थिरता में नुकसान पहुंचाती है। बजट में सिर्फ आवंटन नहीं बल्कि जवाबदेही और समयबद्ध सुधार पर जोर होना चाहिए। - सुनील दत्त कथूरिया, उपाध्यक्ष जीवीएम, प्रमुख, ओम स्वीट्स ग्रुप
मैं पिछले 60 सालों से आरएसएस का सदस्य हूं, भाजपा समर्थक हूं मगर मेरा अनुभव है पिछले साल के बजट आम आदमी बजट के बजाय कॉरपोरेट बजट रहे हैं। हम व्यापारियों के लिए स्थानीय इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर कर दिया जाए। - प्रदीप माहेश्वरी, प्रमुख तरुण स्टोर, कोर सदस्य जीवीएम