गुरुग्राम। दिल्ली से मुंबई (वाया वडोदरा) के बीच बनाए जा रहे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को प्रदेश के बड़े औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जाएगा। एचएसआईआईडीसी ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। यहां विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर अधिक फोकस किया जाएगा।
एचएसआईआईडीसी के चीफ कोऑर्डिनेटर (इंडस्ट्रीज) एवं एचओडी एस्टेट सुनील शर्मा ने कहा कि केएमपी के बाद अब ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को औद्योगिक हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। यहां निवेशकों को लुभाने के लिए नई-नई योजनाएं तलाशी जा रही हैं। यहां केएमपी से भी ज्यादा संभावनाएं है। केएमपी प्रदेश के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित हुआ है। यह एक्सप्रेस वे इस दिशा में इससे भी आगे निकल सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में इस एक्सप्रेसवे का 160 किलोमीटर का हिस्सा है। इस हिस्से के दोनों ओर बड़ा निवेश कराया जा सकता है। यही कारण है कि यहां निवेशकों के लिए रियायती योजनाएं बनाई जा रही है।
मानेसर का केएमपी से लिंक जल्द
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों आईएमटी मानेसर की एसोसिएशन ने केएमपी से आईएमटी के लिंक की बाबत सुझाव दिया था। केएमपी से आईएमटी का सीधा लिंक नहीं होने के कारण परेशानी हो रही है। इसके लिए संभावनाएं तलाशी जा रही है। उम्मीद है कि इस पर भी जल्द ही कोई सकारात्मक परिणाम मिलेगा और जल्द की आईएमटी से केएमपी का लिंक जोड़ दिया जाएगा।
खरखौदा में 450 वर्गफुट से लेकर 20 एकड़ तक के प्लॉट
उन्होंने कहा कि खरखौदा में मारुति के लिए 900 एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है। यहां छोटे और मध्यम से उद्यमियों के लिए भी प्लॉट उपलब्ध है। अगर कोई छोटी यूनिट लगाना चाहता है तो उसके लिए 450 वर्गफुट का प्लॉट उपलब्ध है। मध्यम यूनिट के लिए 10 एकड़ से 20 एकड़ तक के प्लॉट एचएसआईआईडीसी उपलब्ध करा रही है। ये स्थानीय और नए उद्यमियों को नए अवसर प्रदान करने की पहल है। जमीन के कम निवेश में उद्यमी अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं। ऐसे अनेक ऑफर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर दिए जाएंगे।