गुरुग्राम। हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों को किताबें खरीदने के लिए राशि उनके बैंक खातों में भेजने की घोषणा की है। लेकिन सभी का डाटा शिक्षा विभाग के पास अपडेट नहीं होने के कारण काफी छात्रों तक यह पैसे नहीं पहुंच पाएंगे। गुरुग्राम जिले के स्कूलों की बात करें तो लगभग 25 फीसदी छात्रों का डाटा अपडेट नहीं है।
वहीं नए शैक्षणिक सत्र में पहली कक्षा में नए छात्रों का दाखिला होगा, जिस कारण अब छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी। दाखिला लेने वाले छात्रों की जानकारी अपडेट करने में भी समय लगेगा। वहीं शिक्षक संघ भी प्रदेश सरकार की इस घोषणा का विरोध कर रहे हैं कि 200 से 300 रुपये की राशि पाठ्यक्रम की किताबों के खरीदने में काफी कम है।
ऐसे में प्रदेश सरकार द्वारा पहले की तरह ही स्कूलों में किताबें भिजवानी चाहिए। शिक्षा निदेशालय द्वारा मार्च माह में पहली से आठवीं कक्षा के छात्रों के बैंक खातों में वर्दी की राशि डाली गई थी। लेकिन गुरुग्राम जिलेे में 75 फीसदी छात्रों के बैंक खातों में ही यह राशि पहुंची थी। जबकि 25 फीसदी छात्रों के बैंक खाते आधार नंबर से लिंक नहीं होने या तकनीकि समस्या के कारण पैसे नहीं पहुंच पाए थे। मार्च माह में गुरुग्राम की जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव ने भी पुष्टि की थी कि 25 फीसदी छात्रों को वर्दी की राशि नहीं मिल सकी है।
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ कर रहा विरोध
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ गुरुग्राम कार्यकारिणी के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान का कहना है कि प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय को छात्रों को किताबें उपलब्ध करानी चाहिए। क्योंकि 200 से 300 रुपये में पाठ्यक्रम की सभी किताबें नहीं खरीदी जा सकती। वहीं सभी बच्चों के बैंक खातों में भी शिक्षा विभाग की ओर से भेजी गई राशि नहीं पहुंच पाती। जब इस संदर्भ में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी प्रेमलता यादव के मोबाइल पर संपर्क किया तो कई बार कॉल करने के बावजूद उन्होंने फोन नहीं उठाया।