गुरुग्राम। दिल्ली सरकार द्वारा सोमवार रात 10 बजे से आगामी 6 दिनों का कर्फ्यू लगाने की घोषणा की हैै। इस दौरान जरूरी सेवाओं को ही चालू रखा जाएगा। ऐसे में गुरुग्राम उद्योगों को भी झटका लगेगा, क्योंकि दिल्ली की कई मार्केट से कच्चा माल आता है, वहीं गुरुग्राम की औद्योगिक इकाइयों से तैयार माल भी इन तक सप्लाई किया जाता हैै। ऐेसे में जिले की औद्योगिक इकाइयों के संचालक चिंतित हो गए हैं।
बीते वर्ष कोरोना काल के लॉकडाउन से औद्योगिक इकाइयों पर काफी खराब असर पड़ा था। इस बार फिर वैसी ही स्थिति बन गई है। उद्यमियों का कहना है कि अब दोबारा से इकाइयों ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी थी, ऐसे में दोबारा से बीते साल वाली स्थिति बनने की संभावनाएं दिखाई दे रहीं हैं। वहीं, दिल्ली से गुरुग्राम की कंपनियों में काफी लोग नौकरी करने पहुंचते हैं। ऐसे में उनको भी कंपनियों व कार्यालयों में आने-जाने में दिक्कत होंगी, जिससे उत्पादन का काम प्रभावित होगा। उद्यमियों का कहना है कि मजदूर पहले ही यहां से लॉकडाउन के डर से अपने गांवों को पलायन कर रहे हैं। ऐसे में कोई कंपनी कैसे कम कर सकेगी।
दिल्ली में एक सप्ताह का कर्फ्यू लगने के बाद गुरुग्राम के उद्योगों पर इसका असर पड़ेगा। इसके लिए दिल्ली सरकार को कोई न कोई रास्ता निकालना चाहिए।
- जेएन मंगला, अध्यक्ष, गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन।
दिल्ली से यहां कच्चा माल आता है। लॉकडाउन और कर्फ्यू लगने की स्थिति में माल कैसे आएगा। इससे उत्पादन का कार्य प्रभावित होगा। इसके सरकार को भी प्रबंध करनेे होंगे, ताकि कंपनियों में कामकाज ठप न हों।
- केके गांधी, अध्यक्ष, इंडस्ट्रियल डवलपमेंट एसोसिएशन, सेक्टर-37, गुरुग्राम।
जिन लोगों का वर्क फ्रॉम होम से काम चलता हैै तो उनको घरों सेे काम करने के लिए कहा गया हैै लेकिन प्रोडक्शन, आईटी और तकनीकी सेे संबंधित कर्मचारियों को कंपनियों और कार्यालयों में आना होगा। ऐसे में इन कर्मचारियों को आने-जानेे की छूट होनी चाहिए।
- एचपी यादव, अध्यक्ष, एनसीआर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री गुरुग्राम।