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गुरुग्राम: नगर निगम ने बंद करवाई मीट की अवैध दुकानें, सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहा मामला

Mon, 08 Apr 2019 10:04 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
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मीट की दुकानें - फोटो : अमर उजाला
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गुरुग्राम में खुली मीट की अवैध दुकानों के खिलाफ नगर निगम की कार्रवाई लगातार तीसरे दिन रविवार को भी जारी रहृी। निगम के दस्ते ने शहर से विभिन्न जगहों पर करीब 40 मीट की दुकानें बंद कराई। नगर निगम ने यह कार्रवाई गांव नाथूपुर व चक्करपुर गांव, जामा मस्जिद के आसपास की। इसके अलावा नगर निगम ने अवैध तौर पर खुली मीट की दुकानों पर जुर्माना भी लगाया।

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नगर निगम ने शहर में सिर्फ 109 मीट दुकानदारों को लाइसेंस जारी कर रखे हैं, लेकिन सैकड़ों की संख्या में अवैध तौर पर दुकानेें संचालित की जा रही है। नवरात्र से पहले हिंदू सेना ने जिला उपायुक्त को ज्ञापन देकर अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों को बंद करवाने का आग्रह किया था। इसके बाद से नगर निगम ने शुक्रवार शाम को ही ऐसी दुकानों को बंद करने की कार्रवाई शुरू कर दी थी।

400 से ज्यादा मीट की अवैध दुकानों पर लगाया था जुर्माना
नगर निगम की ओर से अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों पर आए दिन जुर्माना लगाने और बंद करवाने की कार्रवाई की जा रही हैं। गत वर्ष400 से ज्यादा अवैध दुकानों को बंद करवाने के साथ उन पर 500-500 रुपये जुर्माना भी लगाया था। निगम अधिकारियों अनुसार शहर में जितनी भी मीट की अवैध दुकानें चल रही हैं, उनको एक जगह से बंद करवा दिया जाता है तो लोग दूसरी जगह जाकर दुकान खोल लेते हैं। बार-बार जुर्माना लगाने और बार-बार बंद करवाने के बाद भी दुकानदार बाज नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में पुलिस विभाग को भी दुकान संचालकों पर मामला दर्ज करने के लिए लिखा हुआ है।
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निगमायुक्त और स्वास्थ्य विभाग पर करना चाहिए केस
हिंदू नववर्ष व नवरात्र के मौके पर शनिवार को जुलूस निकालने के दौरान तलवार लहराने और जबरदस्ती मीट की दुकानें बंद के मामले में पुलिस कार्रवाई पर हिंदू सेना ने सवाल उठाया है। हिंदू सेना के प्रदेश अध्यक्ष रितु राज का कहना है कि शहर में बिना अनुमति और नियमों को ताक पर रखकर अवैध तौर पर मीट की दुकानों का संचालन किया जा रहा है।

पुलिस को हिंदू सेना पर मुकदमा दर्ज करने से पहले नगर निगम के आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग पर मुकदमा दर्ज करना चाहिए, क्योंकि उनके सरंक्षण में शहर में अवैध तौर पर मीट की दुकानें चल रही है। उन्होंने जुलूस के दौरान तलवारें लहराने से इनकार करते हुए कहा कि रास्ते में एक भी मीट की दुकान जबरदस्ती बंद नहीं कराई थी, बल्कि विक्रेताओं से दुकानें बंद करने के लिए आग्रह किया था। इस दौरान किसी भी दुकानदार से किसी भी प्रकार की कहासुनी नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि जब किसी के साथ न तो मारपीट हुई और न ही कहासुनी हुई तो पुलिस किस धारा के तहत हिंदू सेना के सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रही है।

मुख्यमंत्री ने दिए थे मीट की दुकानों को बंद करवाने के आदेश
गत वर्ष मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीएमडीए की दूसरी बैठक में शहर में मीट की दुकानों के नए लाइसेंस बनाने पर रोक लगाने के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने शहर में अवैध रूप से चल रही मीट की दुकानों को तुरंत बंद करवाने के आदेश भी दिए थे। बावजूद इसके नगर निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की।


सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहा मामला
जुलूस में तलवारें लहराने का वीडियो और फोटो रविवार को सोशल मीडिया पर छाए रहे। इन पर सोशल मीडिया यूजर दिनभर टिप्पणी करते रहे। किसी ने धर्म के नाम पर हिंदू सेना की गुंडागर्दी करार दी तो किसी ने भगवाधारी गुंडा कहा। बहुत से लोगों ने दहशत फैलाने वाले इन लोगों पर कार्रवाई करने की भी मांग की। अनेक लोगों ने इस वीडियो को वायरल न करने की भी सलाह दी। हिंदू सेना के जुलूस को इलाके के कई लोगों ने अपने मोबाइल फोन में कैद किया था। लोगों ने फोटो खींचने के साथ-साथ वीडियो भी बनाई थी, जिन्हें बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इसके बाद पुलिस ने संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज की। वायरल वीडियो व फोटो में हिंदू सेना के विभिन्न पदाधिकारी तलवार का डर दिखाकर मीट की दुकानें जबरन बंद करवा रहे हैं। दुकान बंद करने का विरोध करने वालों को डराया जा रहा है।
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छह माह पहले भी हुआ था विवाद
शहर में छह माह पहले भी नवरात्र के दौरान खुले में नमाज पढ़ने को लेकर विवाद उपजा था। तब भी विभिन्न हिंदू संगठनों ने नवरात्र के दौरान मीट की दुकानें बंद करवाई थी। दो होटलों में तोड़फोड़ भी की थी और एक दुकानदार को बुरी तरह से पीटा गया था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करते हुए चार लोगों को गिरफ्तार किया था। हालांकि कुछ दिन बाद मामला शांत हो गया था।

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