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विदेशों में नशीला पदार्थ भेजने वाली ऑनलाइन फार्मेसी का भंडाफोड़

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विदेशों में नशीला पदार्थ भेजने वाली
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ऑनलाइन फार्मेसी का भंडाफोड़
- एनसीबी ने छापेमारी कर 22 हजार 420 नशीली गोलियों समेत युवक को दबोचा
- कंपनी के 17 बैंक खातों पर लगाई गई रोक
- नशीली दवाईयां अमेरिका, ब्रिटेन एवं हंगरी भेजी जा रही थी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ऑनलाइन फार्मेसी द्वारा हर्बल दवा की आड़ में विदेशों में नशीला पदार्थ भेजने के मामले में मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) की दिल्ली इकाई ने गुरुग्राम में छापेमारी की। एनसीबी की टीम ने गुरुग्राम के ओल्ड डीएलएफ क्षेत्र में छापेमारी करते हुए 22 हजार नशीली गोलियों समेत युवक को दबोचा है। जांच में सामने आया कि इन नशीली दवाईयों को अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों में भेजा जाना था। एनसीबी कंपनी के 17 बैंक खातों पर रोक लगाते हुए इस पूरे रैकेट को खंगाल रही है।
जानकारी के मुताबिक, एनसीबी की दिल्ली क्षेत्रीय इकाई को 2 अगस्त को विदेश डाकखाना में ऐसे नशीले पदार्थ अमेरिका, ब्रिटेन, हंगरी भेजे जाने की सूचना मिली। सूचना के आधार पर एनसीबी की टीम ने कार्रवाई करते हुए 44 पैकेट पकड़े, जिनमें नशीली दवाईयां बरामद हुईं। जांच में जातक सा टेक और फार्मा ग्लो नाम की दो कंपनियों का नाम सामने आया। एनसीबी की टीम ने गुरुग्राम के शांति नगर इलाके में छापेमारी करते हुए 22420 नशीली गोलियां बरामद की। एनसीबी अमित नामक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है जो इस कंपनी से जुड़ा हुआ है।
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57 वेबसाइट के माध्यम से हो रही थी तस्करी
सूत्रों के मुताबिक, तस्करी का पूरा रैकेट ऑनलाइन ही संचालित किया जा रहा था। 57 अलग-अलग वेबसाइट बनाकर ऑनलाइन फार्मेसी का धंधा चल रहा था। इसके जरिये कई अमेरिकन कंपनियों से संपर्क कर दवाईयों की तस्करी की जा रही थी। छापेमारी के बाद इनके 17 बैंक खातों पर रोक लगा दी गई जिनमें 22 करोड़ रुपये की संपत्ति की पहचान की गई है।
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नशीली गोलियों की बड़ी खेप हुई बरामद
छापेमारी के दौरान डायजापाम, जोलपिडाम, क्लोनोजापाम, अल्प्राजोलाम, निट्रेजापाम, ट्रामाडोल आदि जैसी नशीली दवाओं की कुल 22420 गोलियां जब्त की गई। इन दवाईयों को हर्बल दवाई की आड़ में पैकेजिंग कर यूरोपियन देशों में सप्लाई किया जाना था। छापेमारी के दौरान यहां से सरकारी एजेंसियों जैसे डाक विभाग, सीमा शुल्क, बीमा कंपनियों, बैंक, अस्पताल और फार्मा कंपनियों की कुल 79 फर्जी मोहरें भी जब्त की गई हैं। इस फर्जीवाडे़ की बदौलत कंपनी कर्मचारी आसानी से नशीली दवाईयों की तस्करी कर रहे थे।
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