अस्पताल में युवक की मौत, परिजनों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो
सोहना। कस्बे के सैनी अस्पताल में सोमवार को एक युवक की मौत पर परिजन बिफर गए और जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा इलाज में कोताही बरते जाने पर उसकी मौत हुई। परिजनों के हंगामे को देखकर अस्पताल संचालक व स्टाफ मौके से भाग गए। परिजनों ने घंटों तक शव को अस्पताल से नहीं उठाया तथा संचालक के आने के इंतजार में अस्पताल के बाहर डटे रहे। मौके पर पुलिस ने पहुंचकर मामले को शांत कराया। खबर लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हुआ था।
कस्बे के पास के गांव रायसीना निवासी मुनेश (35) की इलाज के दौरान मौत हो गई। मुनेश एक निजी बस का ड्राइवर था। मुनेश के भाई महेश ने बताया कि 9 जून को उसे बुखार आया था। गुरुद्वारा मार्ग पर स्थित सैनी अस्पताल में इलाज के लिए ले गए थे। रविवार को मुनेश जब बाथरूम गया तो वहीं गिर पड़ा। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसको इंजेक्शन दिया। आरोप है कि इंजेक्शन देने के तुरंत बाद ही उसके मुंह से झाग जैसी कोई चीज निकलने लगी, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टरों ने उसको रेफर कर दिया लेकिन वे अस्पताल छोड़कर नहीं गए और सोमवार को सुबह मुनेश की मौत हो गई।
मृतक के भाई का आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के चलते उसके भाई की जान र्गई। मुनेश की मौत की खबर मिलने पर परिजन व गांववासी अस्पताल में पहुंच गए लेकिन वहां अस्पताल संचालक व स्टाफ नदारद था। जिस पर गुस्साए लोगों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा काटा। हंगामे की खबर पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल संचालक डॉक्टर लालचंद से बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ था।