गोवंश को बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर करते थे गोकशी, तीन गिरफ्तार
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने संभल गिरोह के तीन बदमाशों को दबोचा
आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल कार, इंजेक्शन व अन्य सामान बरामद
24 दिसंबर को करावल नगर इलाके में मिले थे पशुओं के अवशेष
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर के अलावा यूपी के कई इलाकों में बेसहारा गोवंश को इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर गोकशी करने वाले गिरोह के तीन बदमाशों को उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गांव ढक्का, हसनपुर, अमरोहा, यूपी निवासी वजाहत उर्फ अज्जू (32), जहाने आलम उर्फ जहाना (30) और सरगना गांव उझारी, हसनपुर, अमरोहा, यूपी निवासी साजिद उर्फ सदवा (28) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक होंडा सिटी कार व इंजेक्शन और अन्य सामान बरामद किया है।
आरोपी दिल्ली-एनसीआर में बेसहारा गोवंश को बेहोशी का इंजेक्शन लगा देते थे। बाद में कार में डालकर सुनसान जगह उनको काट दिया जाता था। इसके बाद इनके मांस को दुकानदारों को सप्लाई कर दिया जाता था। आरोपियों ने दिल्ली के पुराने मुस्तफाबाद क्षेत्र में किराये का कमरा लिया हुआ था। समय-समय पर यह अपनी लोकेशन बदलते रहते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर जांच में जुटी है।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि गिरोह के खिलाफ दिल्ली के शालीमार बाग, गोकुलपुरी और यूपी के नंगली में गोकशी के 15 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। यूपी पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गैंग सरगना साजिद उर्फ सदवा को गिरफ्तार किया था। काफी समय तक वह मुरादाबाद की जेल में भी बंद रहा। जुलाई में वह जेल से बाहर आकर दोबारा वारदात को अंजाम देने लगा। यूपी पुलिस के डर से फिलहाल वह दिल्ली में छिपकर रह रहा था और यहीं से अपना धंधा कर रहा था।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि 24 दिसंबर को करावल नगर इलाके के जानकी पांचाल विहार इलाके में कुछ पशुओं के अवशेष मिले थे। इसके बाद लोगों में खासा रोष दिखा। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। करावल नगर थाना पुलिस के अलावा जांच में जिले के एएटीएस को भी शामिल किया गया।
पुलिस की टीम ने सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल की। छानबीन के दौरान आरोपी होंडा सिटी कार में जाते हुए दिखे। फुटेज का पीछा करती हुई पुलिस सीमापुरी डिपो तक पहुंची। यहां तीन आरोपी कार से उतरते दिखे। छानबीन के बाद इनकी पहचान की। जांच के बाद आरोपियों को पुराने मुस्तफाबाद इलाके से दबोच लिया गया। इनके पास से इंजेक्शन और वारदात में इस्तेमाल कार भी बरामद हो गई।
ऐसे दिया जाता था वारदात को अंजाम
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह जाफराबाद इलाके से पशुओं को बेहोश करने वाले इंजेक्शन खरीद लेते थे। इसके बाद बेसहारा गोवंश की तलाश में निकलते थे। मौका लगते ही वह गोवंश को इंजेक्शन लगाकर बेहोश कर देते थे। बाद में गोवंश को कार की पिछली सीट पर डाल दिया जाता था।
इसके बाद सुनसान जगह ले जाकर गोकशी कर ली जाती थी। बाद में मांस को मीट कारोबारियों को बेच दिया जाता था। एक गोवंश बेचने से उनको अच्छी कीमत मिल जाती थी। साजिद उर्फ सदवा पिछले कई सालों इसी तरह की गतिविधियों में लिप्त है। पुलिस इन लोगों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।