100 निवेशकों से ठगी का आरोप, पुलिस ने कोलकाता से पकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा-1 टीम ने दुकान बेचने और किराये के नाम पर धोखाधड़ी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। इस मामले में दंपती को गिरफ्तार किया गया जिन पर लगभग 28 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। आरोपियों की पहचान अनुभव शर्मा (65) और ममता शर्मा (65) के रूप में हुई हैं। मामले में इनके बेटा-बेटी को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। शिकायतकर्ता को दुकान का वास्तविक क्षेत्रफल अधिक बताकर और किराये का झूठा आश्वासन देकर यह धोखाधड़ी की गई थी। आरोपियों ने कुछ समय तक किराया देने के बाद भुगतान बंद कर दिया, जिससे शिकायतकर्ता को भारी वित्तीय नुकसान हुआ।
20 दिसंबर 2025 को शिकायतकर्ता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार, अनुभव शर्मा, ध्रुव दत्त शर्मा और शिरीन शर्मा ने शिकायतकर्ता के बेटे को गुरुग्राम के सेक्टर-15 स्थित 32 माइलस्टोन में एक दुकान बेची थी। दुकान बेचते समय उसका वास्तविक क्षेत्रफल बढ़ा-चढ़ाकर बताया गया था। आरोपियों ने दुकान को लंबे समय के लिए किराये पर देकर नियमित आय दिलाने का भी आश्वासन दिया था। शुरुआत में आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कुछ समय तक किराये का भुगतान किया था। हालांकि, बाद में उन्होंने यह भुगतान बंद कर दिया और दुकान का वास्तविक कब्जा भी शिकायतकर्ता को नहीं सौंपा। इस सुनियोजित तरीके से आरोपियों ने शिकायतकर्ता को लगभग 28 लाख रुपये की चपत लगाई। इस शिकायत पर सिविल लाइन थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-1 टीम ने शुरू की थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी में संलिप्त दो आरोपियों को कोलकाता से गिरफ्तार किया।
छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी अनुभव शर्मा को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उनकी पत्नी ममता शर्मा को 1 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। दोनों को कोलकाता की अदालत में पेश किया गया, जहां से 3 दिन का ट्रांजिट रिमांड लिया गया। इसके बाद, 3 अगस्त 2026 को उन्हें गुरुग्राम की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 6 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह रिमांड पुलिस को मामले की गहन जांच करने में मदद करेगा। पुलिस इस दौरान अन्य ठगी के मामलों की भी पड़ताल करेगी।
धोखाधड़ी का तरीका
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि अनुभव शर्मा 32 माइलस्टोन का निदेशक है। उसने अपने बेटे ध्रुव दत्त शर्मा और बेटी शिरीन शर्मा सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर यह धोखाधड़ी की। उन्होंने शिकायतकर्ता को कम क्षेत्रफल वाली दुकान का अधिक क्षेत्रफल बताकर बेचा था। ममता शर्मा ने भी अपने पति अनुभव शर्मा के साथ मिलकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दिया। आरोपियों की ग्रोथ हॉस्पिटेलिटी एलएलपी नामक कंपनी भी है। इस कंपनी के माध्यम से उन्होंने शिकायतकर्ता को दुकान लीज पर देने का आश्वासन दिया था। उन्होंने नियमित किराया दिलाने का भी झूठा वादा किया था।
कई अन्य निवेशकों को भी ठगा
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने इसी तरह अन्य निवेशकों को भी ठगा है। उन्होंने बैंक के पास गिरवी रखी संपत्ति को बेचकर भी धोखाधड़ी की है। यह भी पता चला है कि आरोपियों ने सैकड़ों लोगों से प्रोजेक्ट में निवेश के नाम पर ठगी की है। इस संबंध में लगभग 100 लोगों ने पुलिस से संपर्क कर अपनी आपबीती बताई है। पुलिस अब इन सभी मामलों की भी जांच कर रही है। गिरफ्तार किए गए चार आरोपियों में अनुभव शर्मा, ममता शर्मा, ध्रुव दत्त शर्मा और शिरीन शर्मा शामिल हैं। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में भी जुटी है।