गुरुग्राम (पवन कुमार सेठी)। कोरोना संक्रमण ने जिले में पर्यटन का कारोबार 10 फीसदी तक ला दिया है। संक्रमण फैलने के डर से अब तक सरकारी पर्यटन स्थल नहीं खुले हैं, वहीं निजी पर्यटन स्थलों में भी नाममात्र ही लोग पहुंच रहे हैं। इससे पर्यटन स्थलों का खर्च और न ही स्टाफ का वेतन निकल पा रहा है। पहले जहां इन पर्यटन स्थलों में रोजाना 6 हजार लोग भ्रमण के लिए आ रहे थे, वहीं अब इनकी संख्या 600 तक ही सीमित रह गई है।
शहर में वन विभाग का सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान, पर्यटन विभाग की दमदमा झील समेत किंग्डम ऑफ ड्रीम्स (केओडी), सूरजगढ़ फार्म, आर्मी थीम पार्क डेल्टा-105 और लोहागढ़ फार्म प्रमुख पर्यटन स्थल हैं। इनमें सुल्तानपुर पक्षी उद्यान, किंग्डम ऑफ ड्रीम्स, सूरजगढ़ फॉर्म मार्च 2020 से अब तक बंद ही हैं। संक्रमण फैलने के डर से इन्हें खोलने का अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। वहीं, दमदमा झील, डेल्टा-105, लोहागढ़ फार्म भले ही शुरू हो चुके हैं, लेकिन इनमें पर्यटकों की संख्या सप्ताहांत में 600 तक भी नहीं पहुंच पा रही है। ऐसे में इन पर्यटन स्थलों का खर्च व स्टाफ का वेतन नहीं निकल पा रहा है।
सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान
मुख्य वन संरक्षक एमएस मलिक ने बताया कि सुल्तानपुर राष्ट्रीय पक्षी उद्यान में इन दिनों विदेशी परिंदों ने डेरा डाला हुआ है। पहले इस मौसम में रोजाना करीब 600 से 800 पर्यटक इन परिंदों का दीदार करने आते थे, लेकिन इस बार वन विभाग ने कोरोना संक्रमण के डर से इसे खोलने की अनुमति नहीं दी है।
किंग्डम ऑफ ड्रीम्स
जिले के पर्यटन स्थलों में पहले नंबर पर शुमार किंग्डम ऑफ ड्रीम्स (केओडी) को अनलॉक में शुरू किए जाने की अनुमति मिल गई है, लेकिन अभी तक इसे शुरू नहीं किया जा सका। यहां कल्चर गली, नौटंकीशाला को देखने के लिए दूर दराज से पर्यटक आते थे, लेकिन इसे कोरोना संक्रमण फैलने के डर से बंद रखा गया है। सप्ताहांत पर यहां करीब 1400 पर्यटक आते थे।
सूरजगढ़ फार्म
शहर में गांव की थीम के आधार पर बनाए गए इस फार्म हाउस को पर्यटकों की संख्या नाम मात्र होने के कारण बंद रखा गया है। प्रबंधक ग्रुप के सौरभ ने बताया कि अनलॉक में इसे खोला गया था, लेकिन कोविड के कारण पर्यटक नाम मात्र ही आ रहे थे। सुरक्षा इंतजाम होने के बावजूद भी लोग आने में डर रहे थे। ऐसे में इसे बंद कर दिया गया है। सामान्य दिनों में यहां रोजाना 1 हजार तक पर्यटक आते थे।
लोहागढ़ व डेल्टा-105
अनलॉक में यह दोनों ही फार्म हाउस खोले गए हैं। पहले जहां इनमें रोजाना 800 से 1200 तक पर्यटक सप्ताहांत में आते थे। वहीं, इनके शुरू होने के बाद अब नाममात्र के ही पर्यटक पहुंच रहे हैं। डेल्टा-105 के प्रबंधक ग्रुप के सौरभ ने बताया कि पर्यटकों से भरे रहने वाले इन फार्म हाउस में अब नाम मात्र की ही चहल-पहल रह गई है। इन पर्यटकों से होने वाली आय से फार्म हाउस का खर्च व स्टाफ का वेतन भी नहीं निकल पा रहा है।
दमदमा झील
सोहना स्थित दमदमा झील को अनलॉक में पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। प्रबंधक सत्यप्रकाश ने बताया कि हर समय पर्यटकों से भरी रहने वाली इस झील में रोजाना 10 से 15 पर्यटक ही पहुंच रहे हैं। सप्ताहांत पर इनकी संख्या 50 तक पहुंच रही है।