डीसी ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ग्रेप-2 के नियमों के सख्त अनुपालन के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। उपायुक्त (डीसी) अजय कुमार ने कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि यह जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए हर विभाग अपनी जिम्मेदारी पूर्ण निष्ठा से निभाएं। डीसी ने यह निर्देश शुक्रवार की शाम को सीएक्यूएम के चेयरमैन राजेश वर्मा व मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक के उपरांत जिला अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में दिए।
डीसी ने कहा कि ‘ग्रेप-2’ के सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए ग्रीन नेट, डस्ट कंट्रोल इक्विपमेंट्स और पानी के छिड़काव की व्यवस्था नियमित रूप से की जाए। उन्होंने निर्देश दिया है कि 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्र में चल रहे सभी निर्माण कार्यों को ऑनलाइन डस्ट पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए, ताकि निगरानी प्रभावी तरीके से की जा सके। डीसी ने परिवहन विभाग को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से आने वाली डीजल बसों और भारी वाहनों की जांच सघन रूप से की जाए तथा नियम उल्लंघन करने वालों के चालान किए जाएं।
-
शहर में नियमित सफाई न होने से लोगों को दुर्गंध, मच्छरों और बीमारियों की परेशानी झेलनी पड़ती है। कचरा समय पर न उठने पर लोग मजबूर होकर उसे आग लगा देते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है और वातावरण दूषित होता है। - अश्वनी डाबरा, सेक्टर 45, निवासी
यदि रोज सफाई हो तो सड़कों पर कूड़ा नहीं फैलेगा और लोग आग नहीं लगाएंगे। कचरा जलाने से प्रदूषण बढ़ता है और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए सबसे पहले प्रशासन को नियमित साफ-सफाई की जिम्मेदारी निभानी चाहिए ताकि शहर स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त रह सके। - दिनेश, प्रधान, सेक्टर 41
-
आठ दिन से खराब श्रेणी में गुरुग्राम और मानेसर की हवा
गुरुग्राम। गुरुग्राम और मानेसर में वायु प्रदूषण का स्तर लगातार खराब श्रेणी में बना हुआ है। पिछले आठ दिनों से दोनों इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 200 से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। शनिवार को गुरुग्राम का एक्यूआई 236 और मानेसर का 291 दर्ज किया गया। संवाद