नगर निगम गुरुग्राम सख्त...नियम तोड़ने वालों पर की जाएगी कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने शहर में बढ़ते धूल प्रदूषण पर बेहतर नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी आदेश जारी किए हैं। आदेश के तहत नगर निगम क्षेत्र में स्थित सभी निर्माण, पुनर्निर्माण, मरम्मत, तोड़फोड़ एवं खुदाई स्थलों पर कोरूगेटेड जीआई व धातु शीट की बैरिकेडिंग लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। निगमायुक्त प्रदीप दहिया द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
नए आदेश के अनुसार बिल्डर, डेवलपर और ठेकेदार को निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पूरे स्थल को जीआई या मेटल शीट की बैरिकेडिंग से घेरना होगा। काम पूरा होने तक बैरिकेडिंग को सही हालत में बनाए रखना भी जरूरी होगा। नगर निगम ने बैरिकेडिंग की ऊंचाई के लिए भी नियम तय किए हैं। बड़े प्लॉटों और तोड़फोड़ वाले स्थलों पर कम से कम 10 फीट ऊंची बैरिकेडिंग लगानी होगी। वहीं स्कूल, अस्पताल और व्यस्त सड़कों के पास स्थित निर्माण स्थलों पर 12 फीट या उससे अधिक ऊंची बैरिकेडिंग अनिवार्य होगी।
इसके अलावा निर्माणाधीन भवनों पर ग्रीन नेट या डस्ट स्क्रीन लगाना भी जरूरी होगा, ताकि धूल आसपास के इलाकों में न फैले। हर निर्माण स्थल पर एक सूचना बोर्ड भी लगाना होगा, जिसमें परियोजना, मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी दी जाएगी। नियमों की निगरानी के लिए नगर निगम विशेष डस्ट कंट्रोल एवं प्रवर्तन सेल बनाएगा। अधिकारी समय-समय पर निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगे।
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर निर्माण कार्य बंद कराया जा सकता है, जुर्माना लगाया जा सकता है, पानी-बिजली के कनेक्शन काटे जा सकते हैं और साइट को सील भी किया जा सकता है। निगम ने सभी निर्माण एजेंसियों को 15 दिन के भीतर नए नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि यह कदम गुरुग्राम को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।