गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में किसानों ने शनिवार को कृषि कानूनों की प्रतियां जलाकर संपूर्ण क्रांति दिवस मनाया। हालांकि किसान विधायक सुधीर सिंगला के कार्यालय पर प्रदर्शन कर प्रतियां जलाना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने उनको सिविल अस्पताल के पास बैरिकेड लगाकर रोक दिया। जिसके बाद उन्होंने वहीं प्रदर्शन किया और कृषि कानूनों की प्रतियां जलाईं।
किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने शनिवार को भाजपा विधायक सुधीर सिंगला के कार्यालय के पास पहले ही बैरिकेड लगा दिए थे। ताकि कोई भी किसान कार्यालय तक आकर प्रदर्शन नहीं कर सके। इसके विरोध में किसान पुराने सामान्य अस्पताल के आगे ही सड़क पर बैठ गए। कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई। इस दौरान किसानों के साथ संगठनों और राजनैतिक पार्टियों के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम लग गया। हालांकि वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने का प्रयास किया, काफी देर बाद हालात सामान्य हो सके।
संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि क्रांति दिवस पर कृषि कानूनों की कॉपी जलाई गई। उन्होंने कहा कि 5 जून 2020 को जब पूरे देश और दुनिया में लॉकडाउन था। उस वक्त सरकार ने जबरदस्ती तीन कृषि कानून जनता पर अध्यादेश के माध्यम से थोप दिए। इस मौके पर अनिल पंवार, जयप्रकाश रेहडू, मुकेश डागर, जेसी यादव, डॉ. सारिका वर्मा, एम सहरावत, राम अदलखा, तनवीर अहमद, मनोज, योगेश कुमार, अमित पंवार आदि मौजूद रहे।
कोविड नियमों का हुआ उल्लंघन
संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने एवं कृषि कानूूनों की प्रतियां जलाने के दौरान किसान नेताओं ने कोविड-19 के नियमों का जमकर उल्लंघन किया। इस दौरान न तो मास्क लगा रखा था और न ही सामाजिक दूरी का ही ख्याल रखा। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने भी इन किसान नेताओं को मास्क लगाने एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने का कोई निर्देश नहीं दिया।