-राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडकोला में हुआ कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडकोला में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस उत्साह एवं प्रेरणादायक माहौल में मनाया गया। कार्यक्रम में सेवानिवृत्त प्रोफेसर के. डी. शर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के प्रधानाचार्य ने प्रताप सिंह चेची ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 11 मई 1998 को भारत ने पोखरण में सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व में अपनी तकनीकी शक्ति का परिचय दिया था। इसी ऐतिहासिक उपलब्धि की स्मृति में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस मनाया जाता है। प्रधानाचार्य ने बताया कि पिछले छह दिनों से कॉलेज में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न तकनीकी, सांस्कृतिक एवं ज्ञानवर्धक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा था। इन प्रतियोगिताओं में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के समापन अवसर पर सोमवार 11 मई को विजेता छात्रों को मुख्य अतिथि एवं कॉलेज प्रशासन द्वारा पुरस्कार वितरित किए गए।
मुख्य अतिथि प्रो. केडी शर्मा ने कहा कि आज के समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जीवन को आसान बना दिया है, लेकिन केवल तकनीक से जीवन में संस्कार और मूल्य नहीं आते। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्य में निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है तथा जीवन में बदलाव बहुत जरूरी है। प्रो. शर्मा ने छात्रों को पुस्तकों के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि लाइब्रेरी में बैठकर किताब पढ़ने से व्यक्ति जल्दी नहीं थकता, जबकि लंबे समय तक लैपटॉप या स्क्रीन पर काम करने से मानसिक थकान बढ़ जाती है। इसलिए छात्रों को तकनीक के साथ-साथ पुस्तकों से भी जुड़ना चाहिए। अंत में मुख्य अतिथि का स्मृति चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर संस्थान के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।