एमसीडी ने अक्तूबर के अंत तक योजना को अमलीजामा पहनाने का लक्ष्य रखा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) पर सरहोल बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल पर बैरियर फ्री करने की योजना पर जल्द काम शुरू होगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से अनुमति दे दी गई है। एमसीडी द्वारा अक्तूबर माह के अंत तक इस योजना को अमलीजामा पहनाने का लक्ष्य रखा गया है। यहां मल्टी लेन फ्री फ्लो इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग सिस्टम लगाया जाएगा। बैरियर हटने के बाद गुरुग्राम से दिल्ली की ओर जाने वाले कॉमर्शियल वाहन बिना रुके तेज रफ्तार में टोल पार कर सकेंगे। इससे अन्य वाहनों का संचालन भी प्रभावित न होने से पीक ऑवर्स में लगने वाले जाम से निजात मिल जाएगी।
इस नई व्यवस्था के लागू होने से कॉमर्शियल वाहनों को एमसीडी का टोल देने के लिए कतार में नहीं लगना पड़ेगा। योजना के अनुसार, सरहोल बॉर्डर से एमसीडी टोल से बैरियर को पूरी तरह हटा दिया जाएगा। इसके बाद कॉमर्शियल वाहनों की पहचान व टोल टैक्स की वसूली के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन के लिए टोल लेन पर हाई रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे। ऐसे में चलते कॉमर्शियल वाहन की नंबर प्लेट को रीड करके सीधे बैंक खाते या फास्टैग से टोल वसूल कर लेंगे। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का सिविल वर्क जल्द शुरू कर दिया जाएगा, ताकि निर्धारित समय पर टोल को बैरियर फ्री किया जा सके।
लाखों कामकाजी लोगों को होगा फायदा
सरहोल बॉर्डर गुरुग्राम व दिल्ली को जोड़ने वाला सबसे व्यस्त रूट है। हर रोज यहां से करीब 3.50 लाख वाहन गुजरते हैं। वर्तमान में टोल बूथों पर कॉमर्शियल वाहनों की रफ्तार धीमी होने के कारण अन्य वाहनों की रफ्तार भी धीमी होने से सुबह व शाम के समय लंबा जाम लग जाता है। बैरियर फ्री होने से न सिर्फ चालकों के समय व ईंधन की बचत होगी, बल्कि बॉर्डर पर होने वाले वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी। जाम खत्म होने के बाद लाखों कामकाजी लोगों के समय की बचत होने से फायदा होगा।
सरहोल बॉर्डर स्थित एमसीडी टोल पर बैरियर फ्री करने की योजना पर काम किया जा रहा है। एमसीडी द्वारा बैरियर फ्री के लिए फ्री फ्लो इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग सिस्टम लगाया जाना है।
- भवनेश कुमार, परियोजना निदेशक, एनएचएआई