कृषि विभाग ने जारी की एडवाइजरी, गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला कृषि और किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल तंवर ने शीतलहर और पाले के बढ़ते प्रकोप को लेकर जिले के किसानों को सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम में अत्यधिक ठंड और नमी के कारण फसलों में काली रतुआ, सफेद रतुआ, लेट ब्लाइट, झुलसा रोग सहित अन्य फंगस जनित बीमारियां तेजी से फैल रही हैं, जिससे फसलों के अंकुरण, वृद्धि, पुष्पण, दाना भराव, उपज और भंडारण क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
डॉ. तंवर ने बताया कि शीतलहर का असर विशेष रूप से गेहूं, सरसों और दलहनी फसलों पर अधिक देखा जा रहा है। लगातार कम तापमान से पौधों की बढ़वार रुक जाती है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे उत्पादन में गिरावट आती है। उन्होंने कहा कि समय रहते वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन कर नुकसान से बचा जा सकता है।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि बोर्डों मिश्रण या कॉपर ऑक्सीक्लोराइड का अनुशंसित मात्रा में छिड़काव करें और फास्फोरस और पोटाश युक्त उर्वरकों का प्रयोग करें। शीतलहर के दौरान हल्की और बार-बार सतही सिंचाई लाभकारी रहती है। जहां संभव हो, स्प्रिंकलर से सिंचाई कर पाले के प्रभाव को कम किया जा सकता है। साथ ही किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और समस्या होने पर कृषि विभाग या कृषि विज्ञान केंद्र से तुरंत संपर्क करने की अपील की गई।