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अग्निकांड पर लिया संज्ञान, एनजीटी की टीम पहुंची मानेसर

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गुरुग्राम। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के चेयरमैन एवं पूर्व न्यायाधीश जस्टिस प्रीतम पाल की अध्यक्षता में गठित टीम ने शनिवार को मानेसर के सेक्टर-छह में बीती 26 अप्रैल को हुए अग्निकांड का स्वत: संज्ञान लेते हुए मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे। जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने एनजीटी के चेयरमैन को घटना की जानकारी और अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
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एनजीटी की टीम के सदस्यों ने हर पहलू पर बारीकी से अध्ययन करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीसीपी मानेसर मनवीर सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल को रात 10 बजे के करीब आग लगी। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत घटनास्थल पहुंची और आग बुझाना शुरू किया। इस दुर्घटना में एक महिला की मौत हुई है। मृतक महिला बिहार के पटना की रहने वाली थी, जिसकी उम्र लगभग 48 वर्ष थी। एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। तीन अन्य लोग भी झुलसे, जिनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। तीनों घायल व्यक्ति अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
एनजीटी की टीम ने मौके का बारीकी से निरीक्षण करते हुए उपस्थित अधिकारियों से जवाब तलब किया। मानेसर के कूड़ा डपिंग साइट का निरीक्षण करने के उपरांत बावल की कूड़ा डंपिंग साइट पर भी निरीक्षण करने पहुंचे। इस अवसर पर उपायुक्त निशांत कुमार यादव, नगर निगम आयुक्त मुनेश शर्मा, डीसीपी मानेसर मनवीर सिंह, एसीपी मानेसर सुरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त अलका चौधरी तथा ब्रह्म प्रकाश अहलावत, क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी संदीप कुमार आदि उपस्थित रहे।
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चूल्हे पर छोड़ गए अंगारे से भड़की आग, आंधी ने दिया विकराल रूप
डीसीपी मानेसर मनवीर सिंह ने बताया कि ऐसा अनुमान लगाया रहा है कि संभवत: महिला अपना काम करके सो रही थी। चूल्हे पर खाना बनाने के बाद उसने संभवत: अंगारे वहीं आसपास छोड़ दिए होंगे, जिससे आग लगी। उसी समय आंधी आने से अंगारे की आग भड़क गई। देखते ही देखते ये आग सभी झुग्गियों में फैल गई। अचानक आग बढ़ने से महिला अपना बचाव नहीं कर पाई और झुग्गी में ही जलकर मर गई। अगले दिन प्रात: उसका शव निकाला गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इस आग में 250 से 300 झुग्गियां जल गईं। झुग्गियों के पास लगे कचरे के ढेरों और छोटे गैस सिलिंडरों के फटने से ये आग आसपास के डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आग फैल गई। इस पर 8 से 10 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका।
औद्योगिक कचरा अवैध ढंग से डाला जाता था घटनास्थल पर
गुरुग्राम। नगर निगम मानेसर के आयुक्त मुनेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के व्यापक इंतजाम हैं । घर घर से कचरा एकत्रित करने की व्यवस्था बनाई जा रही है। कचरे को बावल की डंपिंग साइट पर डाला जाता है। घटनास्थल पर इंडस्ट्री से निकलने वाले कचरे को अवैध ढंग से डाला जाता था। उद्योगों से निकलने वाले कचरे को यहां के स्थानीय कबाड़ियों द्वारा लाकर अलग अलग किया जाता था। नगर निगम क्षेत्र में कोई भी डंपिंग साइट चिन्हित नहीं की गई है।
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