नगर निगम आयुक्त ने सीवर, ड्रेनेज सफाई कार्य 31 दिसंबर से पहले शुरू करने को कहा
सीवरेज समस्या से जूझ रहे शहर के 40 क्षेत्रों में स्थाई समाधान होगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम ने दावा किया है कि गुरुग्राम के लोगों को अगले साल अप्रैल तक सीवर ओवरफ्लो और जलभराव की समस्या से निजात दिला दी जाएगी। सात माह के अंदर नगर निगम सीवरेज और ड्रेनेज सफाई कार्य करने के लिए जुटेगा। सीवर सफाई का काम 31 दिसंबर से पहले शुरू करने को कहा गया है। अगले मानसून से पहले निगम ने जलभराव से निजात दिलाने का दावा किया है।
गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि शहर में सीवरेज और ड्रेनेज सफाई और मरम्मत का काम अप्रैल 2026 तक पूर्ण किया जाए। उन्होंने अधिकारियों के साथ आयोजित सीवरेज प्रबंधन सेल की समीक्षा बैठक की। निगम आयुक्त ने सीवरेज से प्रभावित चिन्हित 40 क्षेत्रों की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी स्थानों पर स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका, चीफ इंजीनियर विजय ढाका, संयुक्त आयुक्त विशाल कुमार, कार्यकारी अभियंता प्रदीप शर्मा, संदीप सिहाग, संदीप धुंधवाल, तुषार यादव, सुंदर श्योराण, सचिन यादव व प्रवीण राघव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
इन जगहों पर उफन रहा है सीवर
आयुक्त ने कहा कि सरस्वती इनकलेव, खांडसा, बसई, नाहरपुर रूपा, इंदिरा कॉलोनी, नरसिंहपुर, मोहम्मदपुर झाड़सा, बेगमपुर खटोला, मैदावास, नूरपुर मोड़, बादशाहपुर, न्यू कॉलोनी, देवीलाल कॉलोनी, भवानी इनकलेव, झाड़सा, इस्लामपुर, शिवाजी नगर, लक्ष्मी गार्डन, सेक्टर-40, राजीव कॉलोनी, सेक्टर-31, घाटा, बंधवाड़ी, बहरामपुर, चकरपुर, कन्हैयी, राजेन्द्रा पार्क, सूरतनगर, टेकचंद नगर, जैकबपुरा समेत अन्य क्षेत्रों में प्राथमिकता के साथ कार्य किया जाए। यहां सीवर ओवरफ्लो की समस्या बहुत ज्यादा है। इसका स्थायी निदान कराया जाए।
जहाजगढ़ एसटीपी तक डाली जाएगी नई लाइन
बैठक में बताया कि इलाकों में डिसिल्टिंग (गाद सफाई) का कार्य पहले से चल रहा है, वहीं बाकी क्षेत्रों में कार्य 31 दिसंबर से पहले शुरू करवा दिया जाएगा। राजेन्द्रा पार्क, सूरत नगर व टेकचंद नगर में लाइनों की सफाई का कार्य चल रहा है। इसके साथ ही जहाजगढ़ एसटीपी तक नई लाइन डालने का टेंडर आवंटित कर दिया गया है और अगले सप्ताह से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, धनवापुर एसटीपी तक 900 एमएम लाइन डालने का प्रस्ताव वित्त एवं संविदा कमेटी द्वारा मंजूर कर लिया गया है, अब टेंडर प्रक्रिया की जा रही है। क्षेत्र में सक्शन टैंकरों के माध्यम से जल निकासी निरंतर की जा रही है।
पानी में सीवर तो नहीं मिल रहा, जांच करेगी कमेटी
आयुक्त ने बैठक के दौरान चीफ इंजीनियर की अध्यक्षता में एक कमेटी के गठन की भी घोषणा की। यह कमेटी उन स्थानों की पहचान करेगी, जहां पर सीवरेज का पानी क्रीक्स या अन्य जल स्रोतों में जा रहा है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो न केवल विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी बल्कि स्थाई समाधान भी सुनिश्चित कराया जाएगा। समीक्षा बैठक में आयुक्त ने जनसंवाद एवं समाधान शिविरों की भी समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिक शिकायतों का समाधान पूरी गंभीरता और तत्परता से किया जाए। प्रतिदिन शिकायत पोर्टल को अधिकारी जरूर चेक करें।