गुरुग्राम। आईआईटी रुड़की के शहर की पांच सोसाइटियों के संरचनात्मक ऑडिट से हाथ खींच लिए जाने के बाद चिनटेल्स पैराडाइसो सोसाइटी के रहने वालों को भी अंदेशा हो चला है कि कहीं उनके यहां हो रहे ऑडिट के काम से आईआईटी दिल्ली भी हाथ न खींच ले। बिल्डर और प्रशासन से ऑडिट कर रहे विशेषज्ञों की टीम ने 10 बिंदुओं पर दस्तावेज मांगे थे। इनमें से सिर्फ तीन बिंदुओं पर ही दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं।
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इन 10 बिंदुओं पर आईआईटी दिल्ली की टीम ने मांगे थे दस्तावेज:
- जहां प्रोजेक्ट बना है, उस जमीन की मिट्टी की जांच रिपोर्ट
- प्रोजेक्ट की डिजाइन रिपोर्ट
- प्रोजेक्ट से संबंधित संरचनात्मक विश्लेषण रिपोर्ट
- प्रोजेक्ट से संबंधित आर्किटेक्चरल रिपोर्ट और ड्राइंग
- इस्तेमाल किए गए मैटेरियल की जांच रिपोर्ट
- बैच कार्ड, क्यूब रजिस्टर के साथ-साथ अन्य गुणवत्ता नियंत्रण रिपोर्ट
- निर्माण के दौरान विभिन्न स्तरों पर खींचे गए फोटोग्राफ
- प्रोजेक्ट की टेस्टिंग, सर्वे, निरीक्षण संबंधी रिपोर्ट
- प्रोजेक्ट की मरम्मत, रेट्रोफिटिंग या नव निर्माण से संबंधित रिपोर्ट
- 10 फरवरी 2022 को सोसाइटी की टॉवर डी में हुए हादसे संबंधित फोटोग्राफ, दस्तावेज
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इनमें से डीटीपी (प्रवर्तन) द्वारा आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों की टीम को सिर्फ जमीन की मिट्टी की जांच रिपोर्ट। आर्किटेक्चरल-संरचनात्मक ड्राइंग और मैटेरियल टेस्ट रिपोर्ट, बैच कार्ड, क्यूब रजिस्टर संबंधित रिपोर्ट ही उपलब्ध कराई है।
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