गुरुग्राम। मिड-डे मील योजना के नियमों में हुए बदलाव ने स्कूलों में शिक्षकों की जिम्मेदारियों ज्यादा बढ़ा दी हैं। अब बच्चों के भोजन में इस्तेमाल होने वाला गुड़ स्थानीय बाजार से खरीदा जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शिक्षकों और स्कूल को दी गई है।
पहले गुड़ की आपूर्ति एजेंसियों के माध्यम से होती थी, लेकिन गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के चलते शिक्षा विभाग ने यह व्यवस्था बदल दी है। विभाग का मानना है कि स्थानीय स्तर पर खरीदारी से बच्चों को ताजा और बेहतर गुणवत्ता का गुड़ मिल सकेगा।
हालांकि शिक्षकों का कहना है कि उन पर पहले से ही पढ़ाई और प्रशासनिक कार्यों का दबाव है। अब खरीददारी, बिलिंग और गुणवत्ता की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां आने से उनका कार्यभार बढ़ता जा रहा है। संवाद