पिछड़ी जाति ए की पहचान बचाने के लिए नूंह में अहम बैठक, 52 सदस्यीय कमेटी गठित-गांव-गांव जाकर जनगणना में सही जाति दर्ज कराने का अभियान
-मूल जाति लिखने में गलती से आरक्षण और सुविधाएं खत्म होने का खतरा
-शिक्षा व नशा मुक्ति पर भी दिया विशेष जोर
संवाद न्यूज़ एजेंसी
नूंह। जातिगत जनगणना को लेकर मेवात, गुड़गांव, पलवल और फरीदाबाद जिलों के पिछड़ी जाति ए (BCA) से जुड़े लोगों की बैठक रविवार को नूंह में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जफराबाद, तावडू के सरपंच छोटू खान ने की। इस मौके पर सर्वसम्मति से बीसीए वर्ग जाति जनगणना जागरूकता समिति बनाकर 52 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें मेवात के विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया।
बैठक में अल्वी समाज, फ़कीर समाज, कुरैशी समाज, सलमानी समाज, जोगी समाज, लुहार समाज, अब्बासी समाज, मीर (मीरासी) समाज सहित कई समाजों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यह फैसला लिया गया कि जल्द ही नूंह जिले के हर ब्लॉक में बैठकें आयोजित की जाएंगी और गांव-गांव जाकर लोगों को जातिगत जनगणना के महत्व और सही जानकारी भरने के बारे में जागरूक किया जाएगा। जो बीसीए समाज के लोग इस बैठक में शामिल नहीं हुए उनको अगली बैठक में बुलाया जाएगा और बीसीए मुस्लिम वर्ग के साथ हिंदू बीसीए वर्ग और दलित समाज को भी जोड़ने की बैठक में चर्चा की गई।
कमेटी ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति पिछड़ी जाति ए से संबंधित है, वह जनगणना के फॉर्म में अपने मूल जाति का नाम ही जाति कॉलम में दर्ज करे। अगर कोई गलती से अपनी जाति की जगह ऐसा नाम लिख देता है जो हरियाणा में BCA आरक्षण सूची में नहीं है, तो वह आरक्षण और सरकारी सुविधाओं से वंचित हो जाएगा। इसलिए यह बेहद जरूरी है कि जातिगत कॉलम में सही नाम दर्ज हो और धर्म के कॉलम में अगर मुस्लिम हैं, तो इस्लाम लिखा जाए।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जब भी जनगणना का फॉर्म भरा जाए, उस समय BCA का कोई पढ़ा-लिखा व्यक्ति मौजूद हो, ताकि कोई गड़बड़ी न हो। साथ ही लोगों से अपील की गई कि वे अपना फॉर्म किसी अनजान या भरोसेमंद न होने वाले व्यक्ति से न भरवाएं। कमेटी ने कहा कि यह अभियान गांव-गांव चलाया जाएगा और हर परिवार से सीधे संपर्क कर उन्हें जागरूक किया जाएगा।