गुरुग्राम। बिना एनओसी 1200 से अधिक रजिस्ट्री करने के मामले में अलग-अलग थाना पुलिस ने एक तहसीलदार व छह नायब तहसीलदार के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें एक नायब तहसीलदार सेवानिवृत्त हो चुका है। आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। मामले की जांच में मंडलायुक्त अशोक सांगवान ने इन्हें दोषी करार देते हुए नगर योजनाकार विभाग के निदेशक को सख्त कार्रवाई करने की सिफारिश की थी।
जिला नगर योजनाकार की अनुमति के बिना जिले में अवैध कॉलोनी विकसित हो रही हैं। इन कॉलोनियों में सभी प्लॉट धारकों ने रजिस्ट्री करवाई हुई है। इस मामले में आरटीआई कार्यकर्ता रमेश यादव ने मुख्यमंत्री को शिकायत दी थी। मामले में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नगर योजनाकार विभाग के निदेशक को जांच करवाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। निदेशक ने मामले की जांच गुरुग्राम मंडलायुक्त अशोक सांगवान को सौंपी थी। जांच में उन्होंने पाया कि जिले में 1200 से अधिक रजिस्ट्रियां बिना एनओसी के हुई हैं।
जांच में उन्होंने पाया कि रजिस्ट्री करने के दौरान तहसीलदार व नायब तहसीलदार ने हरियाणा डेवलेपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट 1975 की धारा 10 की उल्लंघन पाई गई। इस रिपोर्ट को मंडलायुक्त ने निदेशक को सौंपते हुए सख्त कार्रवाई की सिफारिश की। इसमें सेक्शन 11 के तहत आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करने की भी सिफारिश की गई है। निदेशक ने मामले में जिला नगर योजनाकार को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
जिला नगर योजनाकार आर एस बाठ ने रविवार को ईमेल से शिकायत भेजकर सोहना थाने में तहसीलदार बंसीलाल, नायब तहसीलदार दलबीर सिंह, मानेसर थाने में नायब तहसीलदार जगदीश चंद, बादशाहपुर में नायब तहसीलदार हरिकिशन, सेक्टर-10 में कादीपुर के नायब तहसीलदार (सेवानिवृत्त) ओम प्रकाश, शिवाजी नगर थाने में नायब तहसीलदार देशराज कंबोज, सेक्टर-56 में वजीराबाद के नायब तहसीलदार जय प्रकाश के खिलाफ केस दर्ज किया है।