फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लगातार दूसरे दिन अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, दो भाई गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। अमेरिकी नागरिकों के कंप्यूटर पर पॉपअप भेजकर सिस्टम हैक करने वाले एक कॉल सेंटर का मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने भंडाफोड़ किया है। बृहस्पतिवार को पुलिस ने कॉल सेंटर चलाने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। बुधवार को भी अमेजन सुरक्षा सहायता के नाम पर अमेरिकी नागरिकों को ठगने वाले फर्जी कॉल सेंटर का साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया था।
विज्ञापन

मुख्यमंत्री उड़नदस्ते के डीएसपी इंद्रजीत व जिला निरीक्षक हरीश बुद्धिराजा ने बताया कि आरोपी पॉपअप के जरिये कंप्यूटर हैक करते थे। इसके बाद अमेरिकी नागरिक कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई दे रहे नंबर पर कॉल करते थे तो यह उनके सिस्टम को रिमोट पर ले लेते थे। डाटा डिलीट करने अथवा मिस्यूज करने का डर दिखाकर पे-पाल ऐप, ई-चेक समेत डेबिट व क्रेडिट कार्ड के जरिये अपने बैंक खाते में 100 से 500 डॉलर जमा करवाते थे।
डीएसपी इंद्रजीत ने बताया कि बुधवार रात को सेक्टर-61 स्थित एम्मार डिजिटल ग्रीन बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर चल रहे एमडब्ल्यूडीएन टेक ट्रस्ट वर्ल्ड वाइड आईटी सर्विस कंपनी पर छापा मारा। यहां छह युवक व दो युवतियां काम कर रहे थे। इन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में लेकर छोड़ दिया गया। इसके साथ ही कॉल सेंटर संचालक दिल्ली के छतरपुर एन्कलेव के फेज-2 निवासी रंजन कुमार व अक्षय कुमार को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के कब्जे से बरामद दो लैपटॉप, दो हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया गया है।
विज्ञापन

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पहले वे दोनों कॉल सेंटर में नौकरी करते थे। यहां काम करने के तरीके को सीखने के बाद इन्होंने अपना कॉल सेंटर खोला। दो महीने पहले ही यह कार्यालय 60 हजार रुपये मासिक किराये पर लिया था। इससे पहले यह सेक्टर-65 में यह काम कर रहे थे। वह अमेरिकी नागरिकों से धोखाधड़ी करते थे, क्योंकि वहां के लोग सुरक्षा को लेकर काफी संवेदनशील हैं। सॉफ्टवेयर के जरिये वह लोगों का डाटा उपलब्ध करते थे, जिसके बाद लोगों द्वारा कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखाई देने वाले पॉपअप पर क्लिक करते ही सिस्टम में खराबी आ जाती थी और स्क्रीन पर नंबर दिखाई देता था। कॉल करने वाले को वह किसी न किसी बहाने बातों में उलझाकर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे। एक बार में वह 100 से 500 डॉलर खाते में ट्रांसफर करवाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें