फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: 23 से घटकर सात ही बचे हैं शहर में ब्लैक स्पॉट

विज्ञापन
विज्ञापन
एंबियंस मॉल, शंकर चौक, राजीव चौक व अन्य ही ब्लैक स्पॉट हैं शहर में
विज्ञापन

तीन साल के दौरान हुए हादसों के आधार पर किया जाता है ब्लैक स्पॉट घोषित
2023 में थे शहर के अंदर 36 ब्लैक स्पॉट

विराट त्यागी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में एक्सप्रेस वे सहित अन्य मार्गों पर यातायात पुलिस के प्रयासों से ब्लैक स्पॉट की कमी आई हैं। अब सिर्फ सात ही ब्लैक स्पॉट बचे हुए हैं। पहले इनकी संख्या 23 थी। यातायात पुलिस की तरफ से प्रयास किया जा रहा है कि इन सात ब्लैक स्पॉट को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके और सभी मार्गों को सुरक्षित रख सकें। 2023 में शहर में विभिन्न स्थानों में करीब 36 ब्लैक स्पॉट थे। ब्लैक स्पॉट में कमी आने से यह भी माना जा सकता है कि सड़क हादसे में कमी आई हैं और सड़क पर यातायात सुरक्षित हैं।

मौजूदा समय में शहर में अभी एंबियंस मॉल, शंकर चौक, राजीव चौक, पंचगांव चौक, मानेसर बस स्टैंड, बिनौला फ्लाईओवर और बिलासपुर चौक पर ब्लैक स्पॉट हैं। इनको भी खत्म करने के लिए यातायात पुलिस जुटी हुई है। पहले यह ब्लैक स्पॉट सिरहौल टोल खेड़कीदौला, नरसिंहपुर कट, आईएमटी मानेसर चौक, पचगांव चौक, इफको चौक, सिधरावली कट, एनएसजी मानेसर कैंपस, कापड़ीवास, मानेसर घाटी, सुभाष चौक, एटलस चौक, वाटिका चौक, सोहना बस स्टैंड, हीरो होंडा चौक, रामपुरा फ्लाई ओवर, सिग्नेचर चौक, एमजी रोड मेट्रो स्टेशन व अन्य स्थान पर थे।
विज्ञापन


यातायात पुलिस की तरफ से पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक टॉवर में आईआरटीई केंद्र पर निरीक्षण दिया जाता है। यहां पर सभी को ट्रैफिक इंजीनियरिंग, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के बारे में जानकारी दी जाती है।

कब किया जाता है किसी प्वाइंट को ब्लैक स्पॉट घोषित
ब्लैक स्पॉट वह स्थान होता है, जिस पर 500 मीटर के दायरे में तीन साल में पांच से अधिक दुर्घटनाएं होती हैं या तीन साल में 10 से अधिक लोगों की मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा ऐसे पांच सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हुई हो और पांच लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इन दोनों घटना होने पर उस प्वाइंट को ब्लैक स्पॉट घोषित किया जाता है। ब्लैक स्पॉट घोषित होने पर उस प्वाइंट का समय-समय पर निरीक्षण कर हादसे होने के कारणों के बारे में जानने की कोशिश की जाती है। उसके बाद उन कारणों पर काम करके जरूरत के बदलाव लाए जाते हैं।
विज्ञापन



हाईवे समेत अन्य सड़कों पर हादसों में कमी लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यातायात नियमों की अवहेलना करने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिससे यातायात व्यवस्था में सुधार देखने को मिल रहा है।
- डाॅ. राजेश मोहन, डीसीपी यातायात
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें