गुरुग्राम। एक निजी स्कूल में दूसरी कक्षा के छात्र प्रिंस की गला रेतकर हत्या के मामले में आरोपी भोलू की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल सहरावत ने दोनों पक्षों के वकीलों को सुना। काफी देर तक दोनों के तर्क सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा है और कहा है कि 22 मार्च को इस बारे में फैसला सुना दिया जाएगा।
अदालत में सुनवाई के दौरान आरोपी भोलू के अधिवक्ता ने जमानत देने के लिए दलीलें पेश कीं। वहीं, दूसरी ओर पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता ने आरोपी के अधिवक्ता की दलीलों का विरोध करते हुए अदालत से आग्रह किया कि जमानत न दी जाए। क्योंकि उस पर जघन्य अपराध का आरोप है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। आरोपी की जमानत याचिका पिछले कई दिनों से लटकी हुई है जिस पर बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई थी।
आठ सितंबर 2017 को जिले के एक निजी स्कूल में कक्षा दो में पढ़ने वाले छात्र प्रिंस की स्कूल परिसर में ही गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में बस कंडक्टर को आरोपी मानते हुए जेल भेज दिया था। जब इस मामले की जांच पीड़ित पक्ष के अनुरोध पर प्रदेश सरकार ने सीबीआई को सौंपी तो सीबीआई ने अपनी जांच में पुलिस की पूरी थ्योरी को ही बदल डाला था जिसमें बस कंडक्टर अशोक को निर्दोष करार देते हुए स्कूल के ही 11वीं के छात्र भोलू को आरोपी मानते हुए गिरफ्तार कर लिया था।