पीड़ित महिला अभी भी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस श्रीकांत के भाई विष्णु और राहुल को कहां लेकर गई है, इस बारे में उन्हें कोई खबर नहीं है। इतना ही नहीं, वह रात में यह भी नहीं पहचान पाए कि पुलिसवालों के नाम क्या हैं।
परिजनों ने नगीना पुलिस से मांग की है कि श्रीकांत इस मामले में निर्दोष है, उसे जानबूझकर फंसाया गया है और इस मामले में आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, क्योंकि उन्होंने जन्म लेने से पहले ही पुलिस की बर्बरता के कारण एक मासूम को खो दिया है। उनके दो निर्दोष लड़कों को भी सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।