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Bhiwani Murder Case: आरोपी के परिवार का आरोप-पुलिस ने की बर्बरता की हदें पार, बहू के गर्भ में बच्चे की मौत

Sun, 19 Feb 2023 02:30 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम

सार

जुनैद-नसीर हत्याकांड मामले की जांच में जुटी राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोपी श्रीकांत के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने परिवार के साथ बर्बरता की। इस दौरान गर्भवती बहू के साथ अभद्रता की गई। जिससे उसके गर्भ में पल रहे 9 माह के बच्चे की मौत हो गई।
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Bhiwani case - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जुनैद-नसीर हत्याकांड मामले में नामजद आरोपी श्रीकांत के मरोड़ा गांव स्थित घर में उस समय असहज स्थिति उत्पन्न हो गई, जब पुलिस की छापेमारी के दौरान श्रीकांत की पत्नी के साथ अभद्रता की गई, जिसमें उन्हें चोट लगी और उपचार के दौरान नौ महीने का गर्भ गिर गया। गर्भ में लड़का पल रहा था। कमलेश नलहड़ मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन हैं। 

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भिवानी कांड के आरोपी की पत्नी ने कहा कि कुछ लोग आए और उन्होंने मेरे ससुराल वालों से मारपीट शुरू कर दी। वे मेरे दरवाजे पर आए और धक्का दिया, इस दौरान मेरे पेट में चोट लग गई और मेरा बच्चा मर गया। मुझे नहीं पता कि किसने दरवाजा धक्का दिया, या किसने मुझे मारा, लेकिन वे रात में जांच करने आए। वे रात में क्यों आए? वे मेरे पति श्रीकांत को खोजने आए। उन्होंने घर में फर्नीचर और अन्य सामान तोड़ना शुरू कर दिया। 

उधर, नूंह एसपी वरुण सिंगला ने कहा कि यह बहुत ही दुखद घटना है। हरियाणा पुलिस और राजस्थान पुलिस जांच में सहयोग कर रही है। हमारे तथ्यों के मुताबिक इसमें हरियाणा पुलिस और नूंह पुलिस की कोई संलिप्तता नहीं है। चूंकि आरोप गंभीर हैं इसलिए हमने एडिशनल एसपी से जांच के लिए कहा है। घटना और आरोपों के लिए सोशल मीडिया के जरिए जो भी लीड मिल रही है, उसे फिक्स किया जाएगा। अगर हमारी और हमारी टीम की ओर से कोई लापरवाही हुई तो हम कार्रवाई करेंगे।
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वहीं, आरोपी परिवार के आरोप पर भरतपुर एसपी ने कहा कि पुलिस आरोपी परिवार के घर के अंदर नहीं गई। आरोपी घर पर नहीं था। उन्होंने वहां कुछ पूछताछ की और फिर वापस आ गए। वे झूठे आरोप लगा रहे हैं।


परिजनों ने पुलिस द्वारा की गई इस बर्बरता के खिलाफ नगीना थाने में शिकायत दी है। खबर लिखे जाने तक इस बारे में मामला दर्ज नहीं किया गया था। श्रीकांत के चचेरे भाई प्रवीण कुमार व मां दुलारी ने बताया कि शुक्रवार को करीब सुबह साढ़े तीन से चार बजे के बीच 30 से 35 पुलिसवाले श्रीकांत के घर पर पहुंचे। 

श्रीकांत घर पर नहीं था। इस दौरान पुलिसवालों ने घर में तोड़फोड़ की। श्रीकांत की पत्नी कमलेश को चोट आई और उसके गर्भ में पल रहा नौ महीने का बच्चा मौके पर पेट में ही मर गया। कमलेश की हालत खराब होने पर उसे आनन-फानन अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान नौ महीने के लड़के के शव को परिजनों को सौंप दिया। 

पीड़ित महिला अभी भी मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस श्रीकांत के भाई विष्णु और राहुल को कहां लेकर गई है, इस बारे में उन्हें कोई खबर नहीं है। इतना ही नहीं, वह रात में यह भी नहीं पहचान पाए कि पुलिसवालों के नाम क्या हैं।
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परिजनों ने नगीना पुलिस से मांग की है कि श्रीकांत इस मामले में निर्दोष है, उसे जानबूझकर फंसाया गया है और इस मामले में आरोपी पुलिसवालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए, क्योंकि उन्होंने जन्म लेने से पहले ही पुलिस की बर्बरता के कारण एक मासूम को खो दिया है। उनके दो निर्दोष लड़कों को भी सुरक्षित घर पहुंचाया जाए।
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