पद्मश्री से सम्मानित होते भपंग वादक गफरूद्दीन।
नूंह। मेवात की सांस्कृतिक विरासत को देशभर में नई पहचान दिलाने वाले प्रसिद्ध भपंग वादक गफरूद्दीन मेवाती को पद्मश्री सम्मान मिलने पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। मेवात की मिट्टी से निकली लोक धुन को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले गफरूद्दीन मेवाती ने अपनी वर्षों की संगीत साधना और लोक कला संरक्षण के माध्यम से यह गौरव हासिल किया है।
भपंग, जिसे मेवात की अनोखी लोक वाद्य कला माना जाता है, उसे देश-विदेश तक पहुंचाने में उनका अहम योगदान रहा है। उनके सम्मानित होने पर सामाजिक संगठनों, कलाकारों और समर्थकों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है। लोगों का कहना है कि यह सम्मान केवल गफरूद्दीन मेवाती का नहीं, बल्कि पूरे मेवात की संस्कृति, लोक संगीत और परंपरा का सम्मान है। इसी बीच नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने भी खुशी जाहिर करते हुए गफरूद्दीन मेवाती को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मेवात की लोक कला को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि गफरूद्दीन ने अपनी कला के दम पर मेवात का नाम पूरे देश में रोशन किया है। संवाद