गुरुग्राम। गांव मोहम्मदपुर के किसान से उसकी जमीन के मुआवजे के 1.37 करोड़ रुपये की फर्जी निकासी के मामले में हाईकोर्ट ने बैंक को फटकार लगाई है। सोमवार को सुनवाई के दौरान स्टेट बैंक के चीफ जनरल मैनेजर से पूछा है कि क्यों न आपसे ही किसान के मुआवजे की राशि की वसूली की जाए। आपकी सिक्योरिटी लैब में सेंध कैसे लग गई। आपकी लापरवाही के चलते ही यह सब हुआ है। वहीं, इस मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा की है।
गांव मोहम्मदपुर के रहने वाले किसान लीला राम को दो साल पहले अपनी जमीन के मुआवजे के रूप मेें मिले 1.37 करोड़ रुपये को प्रवीण मित्तल नाम के व्यक्ति ने सवा सौ से ज्यादा बार फर्जी तरीके से ट्रांजेक्शन के जरिए निकाल लिया था। इन ट्रांजेक्शनों के लिए सिम उपलब्ध कराने के लिए एयरटेल कंपनी के कर्मचारी दिनेश शर्मा को भी शनिवार को एसआईटी टीम ने गिरफ्तार किया था। अब तक इस मामले में सात आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। इस मामले में संबंधित बैंक के अधिकारी को हाईकोर्ट से समन भेजे गए थे। सोमवार को हाईकोर्ट मेें सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बैंक अधिकारी से कहा कि इस मामले में बैंक की लापरवाही साफ दिख रही है। क्यों न बैंक से ही किसान के मुआवजे की रिकवरी की जाए। बैंक की सिक्योरिटी लैब में सेंध लगी है तो इसका जिम्मेदार बैंक भी है। इस मामले में बुधवार को फिर सुनवाई होनी है।
पहली बार पुलिस को मिली प्रशंसा
हाईकोर्ट मेें यह पहला मामला है जब पुलिस को उसकी कार्यशैली के लिए प्रशंसा मिली है। मामले में पुलिस की ओर से कोर्ट में गए एससीपी डीएलएफ करण गोयल ने बताया, कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने इस कठिन मामले में बहुत ही गंभीरता से काम किया है। यह इस तरह के अन्य मामलों में उदाहरण के तौर देखा जाए। इसी तरह अन्य मामलों में भी काम हो। कोर्ट की ओर से मिली प्रशंसा से पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल है।