गुरुग्राम। सेक्टर-53 की बंजारा मार्केट में बेघर हुए परिवार बुधवार को पूरा दिन अपने सपने और सामान समेटने में जुटे रहे। उनकी आंखों में टूटे ख्वाब, चेहरे पर मायूसी और दिल में एक अजीब सा खौफ साफ देखा जा सकता है। त्योहारी सीजन से इन परिवारों को बहुत उम्मीदें थीं। उन्होंने त्योहारी सीजन को लेकर कई ख्वाब बुने थे, लेकिन सब चकनाचूर हो गए।
पिछले साल कोविड-19 के कारण इनका धंधा मंदा ही रहा था। लॉकडाइन के कारण लोगों ने कोई खरीदारी नहीं की, लेकिन इस बार कोविड से राहत के बीच त्योहार के उत्साह को देखते इन लोगों ने अपने लिए व अपने बच्चों के भविष्य के लिए कई सपने बुने थे। लेकिन मंगलवार को इनके सपनों पर बुलडोजर चल गया। फेंसी फर्नीचर से लेकर क्रॉकरी और घर की साज सज्जा का तमाम सामान बेच कर अपनी जरूरतें पूरी करने वाले ये परिवार त्योहारी सीजन में हुए वज्रपात से आहत हैं।
अब इनके पास कुछ सामान बचा और टूटे हुए सपने, जिन्हें ये नम आंखों से समेट रहे हैं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) के अधिकारियों ने उन्हें मंगलवार देर रात सामान समेटकर जगह पूरी तरह खाली करने की दो दिन की मोहलत दी थी। इसमें से एक दिन पूरा बीत गया। सामान समेटने के बीच ये लोग इस इंतजार में है कि कहीं ना कहीं से जरूर इन्हें मदद मिलेगी और दोबारा से इनकी दुनिया इसी जगह आबाद होगी, लेकिन इनकी उम्मीदों को एचएसवीपी ने फिर चेतावनी देकर धक्का लगा दिया। बुधवार को एचएसवीपी के अधिकारी यहां पहुंचे जरूर, लेकिन केवल दो दिन के भीतर जगह खाली करने की नसीहत देने। विभाग की ओर से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की गई।
आधे से ज्यादा सामान बन गया कबाड़
पॉश एरिया के बीचोंबीच ये परिवार हाई प्रोफाइल लोगों की जरूरत का पूरा साजो सामान रखते थे। इनमें अधिकांश घर की सजा सज्जा से जुड़े आइटम हैं। नवरात्र शुरू होते ही इन्हें उम्मीद थी कि नवरात्रों में घर को नया लुक देने के लिए लोग खूब खरीदारी करेंगे। दीवाली पर घर सजाने के लिए लोगों के उत्साह को महसूस कर ये खुश थे, लेकिन एचएसवीपी की तोड़फोड़ कार्रवाई में इनका आधे से ज्यादा सामान कबाड़ हो गया। मार्केट की प्रधान सुशीला से जब बात करने की कोशिश की तो उसने दर्द के साथ इतना ही कहा कि सामान नहीं सपने भी टूट गए साहब।
शुक्रवार को जगह खाली कराएंगे
एचएसवीपी के सर्कल-2 के एसडीओ सत्यनारायण का कहना है कि बंजारा मार्केट में सितंबर महीने में भी कार्रवाई करने के निर्देश हुए थे। उस समय इन परिवारों को नोटिस दिया गया था। नोटिस के बाद इनसे व्यक्तिगत रूप से मिलकर यहां से हटने का अनुरोध किया। सोमवार को पूरा दिन इनकी मिन्नतें की। मंगलवार को तोड़फोड़ से पहले सामान समेटने का अनुरोध किया गया, लेकिन ये लोग जिद पर अड़े रहे। सरकार के आदेशों पर पूरी कार्रवाई की जा रही है। इन्हें दो दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार तक अगर इन्होंने सामान नहीं समेटा तो बची झुग्गियों में तोड़फोड़ की जाएगी।