पांच जून से नए मरीजों का इलाज नहीं करेंगे प्राइवेट अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की हरियाणा शाखा ने आयुष्मान भारत योजना के लंबित भुगतानों को लेकर एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ आवाज उठाई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो जिले के आयुष्मान पैनल में शामिल करीब 30 निजी अस्पताल 5 जून की मध्यरात्रि से योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती करना बंद कर देंगे।
आईएमए हरियाणा की प्रधान डॉ. सुनीला सोनी, महासचिव डॉ. योगेश जिंदल और डॉ. अजय महाजन ने आयुष्मान भारत हरियाणा हेल्थ प्रोटेक्शन अथॉरिटी के सीईओ को पत्र भेजकर अस्पतालों के करोड़ों रुपये लंबित होने का मुद्दा उठाया है। गुरुग्राम के करीब 30 निजी अस्पतालों का लगभग 30 करोड़ रुपये का भुगतान बकाया है। पत्र में कहा गया है कि 16 अप्रैल 2026 को हुई ऑनलाइन बैठक में सरकार ने बकाया दावों के जल्द निपटारे का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आईएमए के अनुसार, एमओयू के तहत अस्पतालों को 15 दिन में भुगतान किया जाना चाहिए, जबकि वर्तमान में तीन से पांच महीने की देरी हो रही है। कुछ प्रक्रियाओं का भुगतान छह से नौ महीने से अटका हुआ है। संगठन का कहना है कि जुलाई 2023 से अस्पताल भुगतान के लिए लगातार विभाग के चक्कर लगा रहे हैं और पिछले तीन वर्षों में चार बार काम बंद करने जैसी स्थिति बन चुकी है।