गुरुग्राम।
मिलेनियम सिटी की हवा जहरीली हो गई है। शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। शहर की दमघोंटू हवा से लोगों के शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में लोग अपने घरों में एयर प्यूरीफायर लगा रहे हैं। लोग घरों, कार्यालयों आदि के लिए एयर प्यूरीफायर खरीद रहे हैं। इसके साथ ही हवा स्वच्छ करने वाले इंडोर प्लांट की मांग भी बढ़ गई है।
इलेक्ट्रॉनिक सामान बेचने वाले दुकानदारों ने बताया कि दिवाली के बाद से एयर प्यूरीफायर की मांग में चार गुना इजाफा हुआ है। वर्ष के अन्य महीनों में इक्का दुक्का लोग ही एयर प्यूरीफायर खरीदने आते हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से प्रतिदिन 25 से 30 लोग एयर प्यूरीफायर खरीदने पहुंच रहे हैं।
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केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अनुसार प्रदूषण के मामले में गुरुग्राम अग्रणी बना हुआ है। ऐसे में सांस रोग से संबंधित लोगों, बच्चों, बुजुर्गों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्रदूषित हवा से स्वयं को बचाने के लिए इन दिनों एयर प्यूरीफायर का प्रयोग कर रहे हैं। एयर प्यूरीफायर एक ऐसा यंत्र है जिसका इस्तेमाल किसी बंद स्थान या घर में अंदर की हवा में मौजूद दूषित पदार्थों को अलग कर हवा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है। इससे अशुद्ध हवा से होने वाली एलर्जी और अस्थमा के खतरे को रोका जा सकता है।
हेपा फिल्टर की यह है विशेषता
हेपा फिल्टर फाइबर की तरह बहुत ही पतला मटेरियल होता है जो कि आगे और पीछे की तरफ मुड़ी हुई होती है जिसके माध्यम से प्यूरीफायर के फैन द्वारा हवा को धकेला जाता है। एक घंटे में जितना अधिक हवा के बहाव को फिल्टर के माध्यम से गुजारा जाता है उतनी ही अधिक हवा साफ होती है। जैसे ही हेपा फिल्टर फुल हो जाता है तो यह हवा को पास करना बंद कर देता है और इसे नए फिल्टर के साथ बदलना पड़ता है। एक हेपा फिल्टर 2 से 4 साल तक चलता है।
एयर प्यूरिफाइंग कूलर की भी बढ़ी मांग
इन दिनों बाजारों में एयर प्यूरिफाइंग कूलर की भी मांग बढ़ रही है। एयर प्यूरिफाइंग कूलर हवा को साफ करके बाहर निकालता है। एक राष्ट्रीय स्तरीय कंपनी ने एयर प्यूरिफाइंग कूलर का निर्माण किया है। यह एयर प्यूरीफायर से ज्यादा कारगर है।
इंडोर प्लांट्स की भी बढ़ी मांग
हवा की स्थिति खराब होने के कारण इंडोर प्लांट्स की भी मांग बढ़ गई है। लोग घर और कमरे की हवा साफ रखने के लिए मनी प्लांट, स्नेक प्लांट, एरेका पाम, स्पाइडर प्लांट, रबर प्लांट, ऐरोकेरिया, सॉग ऑफ इंडिया, डाइफेनबैचिया, पचीरा, बोगनविलिया, पीस लिली और इंग्लिश इवी पौधे आदि खरीद रहे हैं। वजीराबाद स्थित नर्सरी के मालिक ने बताया कि इन प्लांट्स की कीमत 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक है। पौधों की लंबाई के हिसाब से इनकी कीमत 2000 रुपये तक पहुंच जाती है।