पटौदी-कुलाना मार्ग पर खंडेवला मोड़ पर सड़क के बीच बैठे, विधायक के आश्वासन पर हटे
आरोपियों की गिरफ्तारी तक शव न लेने पर अड़े ग्रामीण व परिवार वाले
फर्रुखनगर के कारोला गांव में सागर की बृहस्पतिवार को की गई थी हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्रुखनगर के कारोला गांव में बृहस्पतिवार को 27 साल के युवक सागर की हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को बारिश के बीच 5 घंटे तक जाम लगा दिया। सुबह लगभग 10 बजे 100 से अधिक ग्रामीण पटौदी-कुलाना मार्ग पर खंडेवला मोड़ पर पहुंचे। इनमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। सड़क पर बैठकर और ट्रैक्टर लगाकर लोगों ने मार्ग बाधित कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने।
आखिरकार पटौदी विधायक बिमला चौधरी के शनिवार तक गिरफ्तारी के आश्वासन के बाद दोपहर बाद 3 बजे लोगों ने जाम खोला। ग्रामीणों ने शर्त रखी कि आरोपियों की गिरफ्तार तक वे शव नहीं लेंगे। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। आरोपियों की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास टीमें कर रही हैं।
कारोला गांव में ये वारदात बृहस्पतिवार दोपहर बाद हुई थी। सागर के पिता मुन्नीलाल व अन्य परिवार वालों के साथ 3 अगस्त को गांव के मछेंद्र पहलवान के बेटे मुन्ना व अन्य ने घर में घुसकर मारपीट की थी। सागर के छोटे भाई 21 साल के शंकर के साथ कहासुनी के चलते ये वारदात हुई थी। शंकर ने बंगलुरु में रहने वाले सागर को कॉल कर इस बारे में बताया। सागर ने मुन्ना को कॉल कर वारदात का विरोध जताया तो कॉल पर दोनों के बीच कहासुनी हुई। सागर बृहस्पतिवार दोपहर बाद अपने घर पहुंचा, तभी मुन्ना व उसके 15 साथी यहां पहुंचे और सागर पर डंडों व तेजधार हथियार से हमला कर दिया। इस दौरान उसे गोली मारकर आरोपी भाग गए। आरोपी भागते हुए सीसीटीवी कैमरे में भी दिखे। सागर को पास के अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसपीओ के परिवार पर हमला, फिर भी नहीं हुई त्वरित कार्रवाई
मृतक सागर के पिता मुन्नीलाल गुरुग्राम पुलिस में एसपीओ के पद पर कार्यरत हैं। 3 अगस्त को घर में घुसकर पूरे परिवार पर हमला हुआ। इस दौरान मुन्नीलाल को भी काफी चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अगले दिन उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली। शुक्रवार को वह भी घायल हालत में ही बेटे की हत्या के विरोध में 5 घंटे तक सड़क जाम करने के दौरान बैठे रहे। इस दौरान लोगों ने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद फर्रुखनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो सागर की जान बच सकती थी। लोगों ने आरोप लगाया कि बृहस्पतिवार को वारदात के बाद भी मुन्ना व उसके साथियों ने कई ग्रामीणों को कॉल कर धमकी दी।