आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कानून के तालमेल पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। गुरुग्राम विवि के कुलगुरु डॉ. संजय कौशिक ने कहा कि एआई अब केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था सहित समाज के हर क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने एआई और कानून के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि तकनीकी प्रगति के साथ नैतिक मूल्यों की भी रक्षा हो सके।
गुरुग्राम यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कानून के तालमेल पर आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों, विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। समापन समारोह में मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. राज नेहरू मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. डॉ. संजय कौशिक ने की। कुलसचिव डॉ. संजय अरोड़ा मुख्य संरक्षक के रूप में मौजूद रहे। वहीं, दिल्ली यूनिवर्सिटी की फैकल्टी ऑफ लॉ से वागेश्वरी देशवाल ने विशेष आमंत्रित के रूप में अपने विचार साझा किए। सम्मेलन के दौरान एआई और कानून के विभिन्न पहलुओं पर मंथन हुआ। विशेषज्ञों ने न्यायिक प्रणाली में एआई के बढ़ते प्रभाव के बीच पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावशीलता बनाए रखने पर जोर दिया। मुख्य अतिथि डॉ. राज नेहरू ने कहा कि भारत की युवा शक्ति एआई और कानून के क्षेत्र में शोध के माध्यम से देश को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ा सकती है। उन्होंने युवाओं को नवाचार और उत्कृष्टता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
दो दिवसीय आयोजन में 192 विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जिनमें समकालीन कानूनी चुनौतियों और एआई के उपयोग से जुड़े मुद्दों को उठाया गया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जबकि सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागी को बेस्ट पेपर अवॉर्ड से नवाजा गया।