गुरुग्राम विवि में एआई और कानून के तालमेल विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरग्राम। गुरुग्राम यूनिवर्सिटी के लॉ विभाग ने सेक्टर-87 स्थित नए कैंपस में अदालत में एआई के उपयोग विषय पर अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ किया। दो दिवसीय इस सम्मेलन में देश-विदेश के विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 192 छात्रों और शोधार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जबकि देश-विदेश से आए 226 प्रतिभागियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश डॉ. सुधीर जैन रहे। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस न्याय व्यवस्था के लिए अवसर और चुनौती दोनों है। एआई के उपयोग में संविधान की मूल भावना को बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कानूनों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि कानून केवल व्यवस्था का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण का आधार है। उन्होंने एआई के उपयोग को भारतीय मूल्यों के अनुरूप अपनाने की बात कही। दिल्ली के सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजीव जैन ने कहा कि न्याय प्रणाली का उद्देश्य समयबद्ध और निष्पक्ष न्याय देना है, जिसमें एआई एक प्रभावी साधन बन सकता है। इससे अदालतों में लंबित मामलों का दबाव कम किया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलगुरु प्रो. संजय कौशिक ने कहा कि ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच विद्यार्थियों को वैश्विक दृष्टिकोण देते हैं। उन्होंने युवाओं को तकनीक के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को जारी रखने की बात कही। इस अवसर पर डीन अकादमिक अफेयर्स प्रो. नीरा वर्मा, लॉ विभाग की चेयरपर्सन डॉ. कनु प्रिय, डॉ. रेनू चौधरी सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बता दें कि दो दिन में 8 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विषय के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा होगी।