अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अहीर समाज ने अदालत की ओर से पूरी तरह से न्याय न पाते हुए बृहस्पतिवार को फिल्म 120 बहादुर का सामूहिक बहिष्कार किया है।
उनका कहना है कि समाज के लोग अहीरवाल क्षेत्र से शहीद हुए उनको सम्मान नहीं मिल रहा है। ऐसे में वह इसके खिलाफ सात दिन के भीतर अपनी बात कहेंंगे। अहीर रेजीमेंट के संस्थापक अरुण यादव ने कहा अदालत ने उनकी बात पर बोर्ड का गठन जरुर किया मगर वह उनके जवाब से सुंतष्ट नहीं है। ऐसे में पहले फिल्म के बहिष्कार की घोषणा की गई और आगे उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
बता दें कि समाज के लोगों ने इस मांग को लेकर भाजपा के केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं को भी ज्ञापन सौंपा था। उनकी मांग थी कि फिल्म पर तत्काल रोक लगाई जाए। अहीर समाज के लोगों का कहना है कि फिल्म में उनकी वीरता और बलिदान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे समाज की भावना आहत हुई है। इस मुद्दे पर अहीर समाज का कहना है कि वे अपनी संस्कृति और इतिहास को किसी भी तरह के अपमान से बचाने के लिए एकजुट हैं। बृहस्पतिवार को प्रमुख रूप से अरुण यादव संयुक्त अहीर रेजिमेंट मोर्चा संस्थापक धर्म सिंह नम्बरदार बादशाहपुर सतीस पार्षद नवादा सूरज सिंह नम्बरदार मानेसर बलबीर मास्टर मानेसर रविन्द्र पार्षद खोह कंवरलाल यादव धर्मपाल यादव नाहरपुर रामकुवार संरपच रामकुवार संरपच बाम्डौली राजपाल यादव वजीराबाद महेन्द्र सिंह पटवारी जरनेल कलवाड़ी प्रहलाद नवादा आदि रहे।
फिल्म से होने वाली आय का हिस्सा शहीद परिवार को मिले
गुरुग्राम। अहीर समाज के लोगों में अलग-अलग तरह का आक्रोश है। उनका कहना है कि इस फिल्म से होने वाली आय का कुछ हिस्सा शहीद परिवार को भी मिले। इसके साथ ही फिल्म में उनको श्रंद्वाजलि पूरी तरह से दी जाए।