फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुरुग्राम: पराली-कचरा जलाया तो होगी कार्रवाई, किसानों को बताए विकल्प; हैप्पी सीडर-बेलर मशीन के बारे में बताया

Sat, 10 Oct 2026 04:53 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम

सार

हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने किसानों को पराली और खुले में कचरा जलाने से होने वाले प्रदूषण के प्रति जागरूक किया। पराली जलाना प्रतिबंधित है, इसके लिए मशीनी प्रबंधन के तरीके बताए गए।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पराली और खुले में कचरा जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) ने किसानों को जागरूक किया। किसान भवन में आयोजित अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि धान और गेहूं की पराली जलाना प्रतिबंधित है। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। किसानों को पराली जलाने के बजाय आधुनिक मशीनों से उसके प्रबंधन के तरीके भी बताए गए।

विज्ञापन


अभियान में किसान एसोसिएशन के सदस्यों के साथ हरियाणा स्टेट एग्रीकल्चरल मार्केटिंग बोर्ड (एचएसएएमबी) और मार्केट कमेटी के अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने बताया कि पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु गुणवत्ता को खराब करता है। इससे सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका अधिक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, खेतों में पराली जलाने से मिट्टी के पोषक तत्व और उसकी उर्वरता बनाए रखने वाले सूक्ष्मजीव भी प्रभावित होते हैं।

Trending Videos

मशीनों से करें पराली का प्रबंधन
अधिकारियों ने किसानों को पराली निस्तारण के वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी मशीनों की मदद से खेत में ही पराली का प्रबंधन किया जा सकता है। वहीं, बेलर मशीन से पराली की गांठें बनाकर उसे एकत्रित किया जा सकता है। इसके बाद इसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों और ईंधन के रूप में किया जा सकता है। किसानों को इन मशीनों पर मिलने वाली सरकारी सहायता और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से मशीनें उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।
विज्ञापन

खुले में कचरा जलाने से भी बढ़ता है प्रदूषण
अभियान में अधिकारियों ने प्लास्टिक, पत्तियों और अन्य ठोस कचरे को खुले में जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। उन्होंने लोगों से कचरा जलाने के बजाय गीले और सूखे कचरे को घरों और प्रतिष्ठानों में ही अलग-अलग रखने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार उसका निस्तारण करने की अपील की।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें