मशीनों से करें पराली का प्रबंधन
अधिकारियों ने किसानों को पराली निस्तारण के वैकल्पिक उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी मशीनों की मदद से खेत में ही पराली का प्रबंधन किया जा सकता है। वहीं, बेलर मशीन से पराली की गांठें बनाकर उसे एकत्रित किया जा सकता है। इसके बाद इसका इस्तेमाल औद्योगिक कार्यों और ईंधन के रूप में किया जा सकता है। किसानों को इन मशीनों पर मिलने वाली सरकारी सहायता और कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से मशीनें उपलब्ध होने की जानकारी भी दी गई।
खुले में कचरा जलाने से भी बढ़ता है प्रदूषण
अभियान में अधिकारियों ने प्लास्टिक, पत्तियों और अन्य ठोस कचरे को खुले में जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में भी बताया। उन्होंने लोगों से कचरा जलाने के बजाय गीले और सूखे कचरे को घरों और प्रतिष्ठानों में ही अलग-अलग रखने तथा निर्धारित नियमों के अनुसार उसका निस्तारण करने की अपील की।