अदालत ने मानवीय आधार पर तीन जुलाई तक दी राहत
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संदीप यादव की अदालत ने हत्या के प्रयास, चोट पहुंचाने और धमकी देने से जुड़े एक मामले में आरोपी कार्तिक को अंतरिम जमानत दे दी। अदालत ने यह राहत आरोपी के पिता की मृत्यु के बाद अंतिम संस्कार से संबंधित धार्मिक रस्में पूरी करने के लिए मानवीय आधार पर प्रदान की है।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि कार्तिक के पिता का 20 जून को निधन हो गया। वह अपने पिता का इकलौता पुत्र है और उसे अंतिम संस्कार व अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराने हैं। अदालत को यह भी बताया गया कि मृतक की अंतिम रस्म भरवी/भड़ बामण 2 जुलाई को आयोजित की जाएगी। अदालत ने आदेश में कहा कि पुलिस ने आरोपी के पिता की मृत्यु के तथ्य पर कोई विवाद नहीं किया है। साथ ही आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसके भागने की आशंका संबंधी कोई ठोस सामग्री भी रिकॉर्ड पर नहीं है।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 110, 115(2), 117(2), 351(2), 190 और 191(3) के तहत मामला दर्ज है, जिनमें अधिकांश धाराएं जमानती प्रकृति की हैं। इन परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने कार्तिक को 22 जून से तीन जुलाई तक अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया। साथ ही निर्देश दिया कि वह चार जुलाई को सुबह 10 बजे अदालत में आत्मसमर्पण करेगा, जिसके बाद उसे पुनः न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत अवधि के दौरान आरोपी किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा, सह-आरोपियों से संपर्क नहीं करेगा और जांच में पूरा सहयोग करेगा।