द्वारका एक्सप्रेसवे के सेक्टर-81 से 115 तक के लोगों को मिलेगा फायदा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बढ़ती आबादी के साथ पेयजल की मांग पूरी करने के लिए चंदू-बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 100 एमएलडी क्षमता की छठी यूनिट स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सोमवार को चंडीगढ़ में हुई हाई पावर वर्क्स परचेज कमेटी की बैठक में इस परियोजना के टेंडर को मंजूरी दे दी है। नई यूनिट से द्वारका एक्सप्रेसवे के सेक्टर-81 से 115 तक और आसपास के विकसित हो रहे रिहायशी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति मजबूत होगी। परियोजना का काम आवंटन के 24 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने बताया कि तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की क्षमता बढ़ाना जरूरी है। नई यूनिट से मौजूदा और नए सेक्टरों की पानी की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। सीईओ के अनुसार, प्राधिकरण वर्ष 2051 तक शहर की संभावित जलापूर्ति की मांग का आकलन कर रहा है, ताकि भविष्य की जरूरतों के अनुसार बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सके। नई यूनिट चंदू-बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट परिसर में 15 एकड़ जमीन पर स्थापित की जाएगी। इसके तहत क्लियर वाटर रिजर्वायर, कच्चे और शोधित पानी की पंपिंग व्यवस्था और स्लज को मशीनों से सुखाने की सुविधा विकसित होगी।
इस यूनिट को जीएमडीए के सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन (एससीएडीए) नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे प्लांट की कार्यप्रणाली की स्वचालित निगरानी और संचालन में मदद मिलेगी। वर्तमान में चंदू-बुढ़ेरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से करीब 500 एमएलडी और बसई प्लांट से 270 एमएलडी पानी की आपूर्ति हो रही है। दोनों प्लांट से कुल 770 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। चंदू-बुढ़ेड़ा में नई यूनिट शुरू होने के बाद वहां की जल शोधन क्षमता में 100 एमएलडी की वृद्धि होगी। इससे भविष्य में शहर की बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी।
मानेसर में भी जरूरत
गुरुग्राम का तेजी से विकास हो रहा है और दायरा मानेसर तक पहुंच गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में पेयजल की मांग और बढे़गी। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जीएमडीए शहर में पानी सप्लाई को लेकर कदम उठा रहा है। नगर निगम मानेसर ने 30 गांवों में पानी की सप्लाई करने की योजना बनाई है। ऐसे में यहां पर करीब 20 से 25 एमएलडी पानी की जरूरत होगी। दूसरी ओर सेक्टर-36, 36बी, 37 और 37बी में एक हजार एकड़ से अधिक क्षेत्र में ग्लोबल सिटी विकसित की जा रही है। इसके अलावा न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में तेजी से आवासीय क्षेत्र विकसित हो रहे हैं।