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Gurugram News: कार को बचाने में तेज रफ्तार बस पलटी, हेड कॉन्स्टेबल की मौत

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परिचालक सहित 20 सवारियां घायल, एक बच्ची समेत दो की हालत नाजुक

- दिल्ली से जयपुर की ओर जा रही थी राजस्थान परिवहन निगम की बस

संवाद न्यूज एजेंसी
पटौदी। एनएच-48 स्थित पचगांव चौक के पास शनिवार की सुबह करीब 9.30 बजे दिल्ली से जयपुर की ओर जा रही राजस्थान परिवहन निगम की तेज रफ्तार बस एक कार को बचाते हुए अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में करीब 20 सवारियों को चोटें आईं। हादसे में घायल हुए अलवर (राजस्थान) के मौलावास गांव निवासी व दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार (39 वर्षीय) की मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, बस के परिचालक व एक बच्चे की हालत नाजुक बताई जा रही है।
शनिवार की सुबह राजस्थान परिवहन निगम की बस दिल्ली से जयपुर की ओर जा रही थी। बस जैसे ही पचगांव चौक पर पहुंची तो बिलासपुर की ओर से एक कार दिल्ली-जयपुर हाईवे पर चढ़ने लगी। बताया जा रहा है कि बस काफी तेज रफ्तार में चल रही थी। कार चालक ने बस से पहले निकलने का प्रयास किया लेकिन वह कार को निकाल नहीं पाया।
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वहीं, कार को अचानक हाईवे पर आया देखकर राजस्थान रोडवेज बस के चालक ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन बस अनियंत्रित हो करीब 50 मीटर दूर जाकर पलट गई। बस पलटते ही सवारियों में चीख-पुकार मच गई। हाईवे पर चल रहीं गाड़ियां मौके पर रुक गई और इसकी सूचना पुलिस को दी।
लोगों और पुलिस ने मिलकर पलटी हुई बस से सवारियों को बाहर निकाला और इलाज के लिए अस्पतालों में पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, बस के परिचालक और एक बच्चे को गंभीर हालत में फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, छह लोगों को प्रकाश अस्पताल मानेसर भेजा गया है, जबकि नौ साल की बच्ची अराध्या सहित चार लोगों रामकिशन, विश्वास, आस्था को बिलासपुर के गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने क्रेन की मदद से पलटी हुई बस और कार को हाईवे से हटाकर साइड किया और यातायात संचालन को सुचारू किया।
बस में सवार कोटपुतली निवासी राम ने बताया कि हादसे में उसके हाथ में चोट आई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान परिवहन निगम की बस शनिवार की सुबह करीब सात बजे दिल्ली के सराय काले खां से चली थी। एक अन्य सवारी शाहपुरा के लिए बस में बैठी थी, लेकिन चालक द्वारा तेज गति व लापरवाही से बस चलाने के कारण वह व्यक्ति धौला कुआं ही उतर गया।


बस चालक के खिलाफ मामला दर्ज
दिल्ली के शाहदरा निवासी आस्था राघव अपनी आठ वर्षीय बेटी के साथ निमराना जाने के लिए सराय काले खां से राजस्थान परिवहन की बस में बैठी थीं। आस्था ने बताया कि चालक बस को तेज रफ्तार में चला रहा था। उन्होंने कई बार चालक को बस धीरे चलाने के लिए कहा था लेकिन चालक ने बस को तेज गति व लापरवाही से चलाया। तेज गति में बस चलने के कारण ही कार को बचाते हुए अनियंत्रित होकर पलट गई। अगर बस चालक तय गति में बस चलाता तो यह हादसा नहीं होता। महिला आस्था की शिकायत के आधार पर पुलिस ने बिलासपुर थाना में बस चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है।


वर्जन
जांच अधिकारी बिरेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं, इसके बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। कार सवारों के बारे में भी अभी कोई पता नहीं है। कार के चालक व उसमें सवारों के बारे में भी पता चल रहा है। मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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बेटी के साथ जाना था घर, ड्यूटी के कारण हुई देरी
पटौदी। दिल्ली पुलिस की सीपी सैल में बतौर हेड कॉन्स्टेबल तैनात अशोक कुमार ड्यूटी खत्म कर बस से गांव मौलावास जा रहे थे। हालांकि, उन्हें अपनी बेटी के साथ दिल्ली से अपने घर जाना था, लेकिन ड्यूटी पर देरी होने के कारण अशोक कुमार अकेले ही दिल्ली से बस में सवार हुए थे। मृतक हेड कॉन्स्टेबल अशोक कुमार के भाई ने बताया कि भाई के दो बच्चे हैं। बेटी दिल्ली में स्नातक की पढ़ाई कर रही है। शनिवार को भाई अशोक कुमार व भतीजी एक साथ गांव मौलावास के लिए दिल्ली से आने वाले थे, लेकिन अशोक कुमार को ड्यूटी पर देरी होने के कारण उन्होंने बेटी को घर चले जाने के लिए कह दिया था। ऐसे में अशोक कुमार की बेटी पहले गई बस से मौलावास गांव के लिए रवाना हो गई। अशोक कुमार राजस्थान परिवहन निगम की अन्य बस से मौलावास के लिए रवाना हुए थे। पचगांव चौक के पास बस व कार के बीच हुए हादसे में अशोक कुमार की मौत हो गई।
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