दोनों धर्मों के रीति-रिवाज और जातियां एक जैसी, हम भाई-भाई कोई नहीं कर सकता जुदा, जमीयत उलमा ए हिंद के इमारत-ए-शरिया कार्यक्रम में बोले मदनी
तलाक नहीं कोई विकल्प, बहू-बेटियों के रिश्तों को जोड़ने का काम करें मुस्लिम समाज
राजूददीन जंग
नगीना। राजनीतिक फायदा उठाने के लिए भाई को भाई से लड़ाने की सजिश चल रही है। भारतीय समाज तो ऐसा है जिसमें हिंदू और मुसलमानों के रीति-रिवाज और जातियां एक जैसी है। यह बातें जमीयत उलमा ए हिंद के अंतरराष्ट्रीय सदर मौलाना अरशद मदनी ने जिले के गांव झिमरावट में आयोजित इमारत-ए-शरिया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले 98 प्रतिशत मुसलमान यहां के बशींदें हैं। मुसलमानों में भी हिंदुओं की तरह जाट, राजपूत इत्यादि जातियों के लोग हैं। हमें आपस में बेहतर तालमेल रखना चाहिए, जो सदियों से हमारे मुल्क में चला आ रहा है।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस विधायक चौधरी आफताब अहमद, विधायक मामन खान, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व मंत्री आजाद मोहम्मद समेत इनेलो, भाजपा व कांग्रेस पार्टी के कई अन्य नेताओं ने शिरकत की। मदरसा जामिया मदीनुल उलूम में देररात शुक्रवार को सदर मौलाना अरशद मदनी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भाग लिया। भीड़ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान अमन भाईचारे के लिए जाना जाता है। कुछ लोग राजनीतिक फायदा उठाने के लिए आपस में भाई को भाई से लडाने की साजिश रच रहे हैं। ऐसे लोगों को किसी भी सूरत में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
हम सब भारतीय हैं, एक-दूसरे के दुख-सुख की बात हो तो करना चाहिए सहयोग
जमीयत उलमा ए हिंद के सदर मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि कुछ मुसलमान दूसरे मुल्कों से यहां आए हुए हो सकते हैं, लेकिन 98 फीसदी मुसलमान इसी वतन का रहने वाला है।मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि कुछ लोग बांटने की कोशिश करते हैं, लेकिन आपको बंटना नहीं है। चाहे सामान की खरीदारी का मसला हो, या फिर एक-दूसरे के दुख-सुख की बात हो तो आपस में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने हमें यही सिखाया है। अगर आप किसी से भी दूरी बनाएंगे तो उनको अपने आप मौका मिल जाता है। लिहाजा हमें सदियों से चले आ रहे अमन और भाईचारे को हर सूरत में कामयाब करना है। कुल मिलाकर जमीयत उलमा के राष्ट्रीय सदर मौलाना अरशद मदनी ने उन ताकतों को मुंहतोड़ जवाब दिया है जो जात-पात, धर्म के नाम पर लोगों को बांटने की नापाक कोशिश करते हैं।
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मुस्लिम धर्म गुरुओं से कहा- लोगों को करें जागरूक, नफरत फैलाने वालों को न होने दें कामयाब
जमीयत के सदर ने मुस्लिम धर्म गुरुओं से कहा कि उन्हें भी लोगों को इस मामले में ज्यादा से ज्यादा जागरूक करने की जरूरत है। ताकि हमारे बीच में नफरत फैलाने वाले लोग कामयाब नहीं हो सकें। एक दिवसीय इस कार्यक्रम में जमीयत उलेमा ए हिंद ने मुसलमानों में फैली सामाजिक बुराइयों को दूर करने और हिंदू-मुसलमान को भाई-भाई की तरह रहने की नसीहत दी। मौके पर मौलाना मुफ्ती सलमान मंसूरीपुरी, मौलाना हकमुद्दीन उटावड़ी, मुफ्ती मोहम्मद रफीक, मौलाना यहाया करीमी, मुफ्ती जाहिद हुसैन, मौलाना मोहम्मद, मौलाना मोहम्मद हसन कासमी, मौलाना साबिर कासमी समेत क्षेत्र समाज सुधारक, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद व हजारों उलेमा मौजूद रहे।