देवभाषा संस्कृत की तरफ नहीं दिख रहा छात्रों का रूझान
- सीटें खाली होने से शिक्षकों की बढ़ी चिंता
अम उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देवभाषा संस्कृत पढने की घटती चाहत इस भाषा के भविष्य पर सवाल खड़े कर रही है। प्राचीन और ज्ञान-विज्ञान की भाषा होने के बावजूद विद्यार्थी इस विषय की ओर आकर्षित नहीं हो रहे हैं। जिले के द्रोणाचार्य कॉलेज, सेक्टर-14 स्थित गर्ल्स कॉलेज हर जगह विभाग में जितनी सीटें हैं, उसकी तुलना में बहुत कम स्टूडेंट आ रहे हैं। हालांकि विषय के जानकार बताते हैं कि विद्यार्थियों को अगर जानकारी दी जाए तो सीटें पूरी तरह भर जाएंगी। कमेटी द्वारा बच्चों को संस्कृत के प्रति जागरूक नहीं किया जा रहा है।
सीट 60, एडमिशन हुआ 24
द्रोणाचार्य कॉलेज में 60 सीटें हैं, पर इसमें सत्र में केवल 24 सीटों पर एडमिशन हुआ है। संस्कृत की प्रोफेसर मीनाक्षी पांडेय ने बताया कि संस्कृत एक क्लासिकल और हमारी देव भाषा है। बावजूद इसके छात्रों का रुझान इस विषय में कम होता जा रहा है। जरूरत है विद्यार्थियों को जागरूक करने की। वहीं सेक्टर-14 स्थित गर्ल्स कॉलेज में भी सीटें रिक्त हैं।
कॉलेज में दाखिले का दौर जारी
गुरुग्राम। कॉलेजों में स्नातक के लिए खाली सीटों पर दाखिले का दौर जारी है। हालांकि अब विद्यार्थियों को उनकी रूझान के अनुसार नहीं दाखिले नहीं मिल रहे। कॉलेजों में ज्यादातर विद्यार्थी कॉमर्स व नॉन मेडिकल में दाखिले के लिए आ रहे हैं। जबिक यह सीटें पहले ही फुल हो चुकी हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को जो सीटें रिक्त हैं उन में दाखिला लेने की सलाह ही जा रही है। सेक्टर-14 स्थित गर्ल्स कॉलेज के नोडल अधिकारी संदीप मान ने बताया कि काफी संख्या में दाखिले के लिए छात्राएं आ रही हैं, लेकिन अब सभी पाठ्यक्रमों में ज्यादातर सीटें फुल हो चुकी हैं। वहीं सेक्टर-9 स्थित कॉलेज में भी खाली सीटों पर शनिवार को दाखिले हुए। मानेसर स्थित गवर्नमेंट कॉलेज में सीटें फिलहाल खाली हैं। 31 जुलाई तक दाखिला प्रक्रिया जारी रहेगी।