गुरुग्राम। शैक्षणिक सत्र 2021-22 में 814 गरीब परिवारों के बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला नहीं मिला है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य के लिए धरना-प्रदर्शन करने के साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक दाखिले के लिए गुहार लगा चुके हैं। जिले में 1593 बच्चों ने नियम 134ए के तहत परीक्षा पास की थी। दूसरी से आठवीं कक्षा में 1482 बच्चों और 9वीं व 11वीं कक्षा में 86 बच्चों को दाखिला के लिए निजी स्कूल आवंटित किए गए थे।
दूसरे चरण में दूसरी से आठवीं कक्षा में 25 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए हैं। जिले में अभी तक कुल 548 बच्चों को दाखिला मिल पाया है, जबकि 231 बच्चों के दाखिला विभिन्न कारणों से रद्द हो गए और 814 बच्चों को अभी तक दाखिला नहीं मिला है।
नियम 134ए के तहत दूसरी से नौंवी कक्षा और 11वीं कक्षा में दाखिला प्रक्रिया चलाई जाती है। अबकी बार प्रदेश सरकार और शिक्षा निदेशालय ने काफी देरी से नियम 134ए की दाखिला प्रक्रिया का शेड्यूल जारी किया। निजी स्कूल बीच सत्र में नियम के तहत दाखिला देने से पहले ही विरोध कर रहे थे। बावजूद इसके प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार शिक्षा निदेशालय ने ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और दाखिला के लिए प्रक्रिया आयोजित कराई। नियम 134ए के तहत जिले में 1593 बच्चों को दाखिला के लिए निजी स्कूल आवंटित किए गए। जिले में 66 निजी स्कूलों ने कोर्ट में केस होने का हवाला देकर नियम 134ए के तहत बच्चों को दाखिला देने से स्पष्ट मना कर दिया। निजी स्कूलों द्वारा दाखिला नहीं देने के विरोध में अभिभावकों ने जगह-जगह प्रदर्शन भी किया है।
जिन निजी स्कूलों ने नियम 134ए के तहत दाखिला नहीं दिया है, उनकी रिपोर्ट पहले ही शिक्षा निदेशालय को भेजी जा चुकी है। 66 स्कूलों से संबंधित केस कोर्ट में चल रहा है। केस की सुनवाई होने के बाद ही शिक्षा निदेशालय की ओर से आगामी कदम उठाए जाएंगे।
- शशि बाला अहलावत, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।