लंबे समय तक शराब पीने से लीवर पर असर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर 10 स्थित नागरिक अस्पताल में क्रोनिक लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में रोजाना औसतन आठ से दस मरीज इस गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि इनमें 40 से 50 वर्ष आयु वर्ग के मरीजों की संख्या अधिक है, जो चिंता का विषय बनती जा रही है।
इस समस्या के पीछे मुख्य कारण अत्यधिक शराब का सेवन है। लंबे समय तक शराब पीने से लीवर पर बुरा असर पड़ता है, जिससे धीरे-धीरे उसकी कार्यक्षमता घटने लगती है। इसके साथ ही कई मरीज फैटी लीवर की समस्या से भी जूझ रहे हैं, जो आगे चलकर क्रोनिक लीवर डिजीज का रूप ले सकती है।
डॉक्टरों ने लोगों को संतुलित जीवनशैली अपनाने, शराब से दूरी बनाने और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी है, ताकि इस बीमारी से बचाव किया जा सके। इलाज के लिए मरीजों को अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन व अन्य जांच कराई जा रही है। ऐसे में डाॅक्टरों ने इलाज लेने के साथ साथ स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी है।
क्या है क्रोनिक लीवर डिजीज
यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें लीवर धीरे-धीरे खराब होने लगता है। यह लंबे समय तक शराब पीने, गलत खान-पान या हेपेटाइटिस से हो सकती है। शुरू में थकान और भूख कम लगती है, बाद में पीलिया और पेट में सूजन हो सकती है। सही इलाज और स्वस्थ जीवन से इसे रोका जा सकता है।
क्रोनिक लिवर रोग के लक्षण
-पेट दर्द, पेट के दाहिनी ओर दर्द
-पीला, काला और खूनी मल
-मूत्र का रंग बदलना
-उल्टी
-थकान
-एडिमा- पैरों या बाहों में तरल पदार्थ का जमा होना
-बढ़ा हुआ पेट
-नींद, मनोदशा और संज्ञान में परिवर्तन
अस्पताल में इन दिनों क्रोनिक लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीज इलाज के लिए जांच करा रहे हैं और शराब का सेवन पूरी तरह बंद करने की सलाह दी जा रही है। लगातार शराब पीने से लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है।
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डाॅ. नवीन, वरिष्ठ मेडिकल अधिकारी, नागरिक अस्पताल