अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान के लिए दस्तावेज की जांच की जा रही है। पुलिस ने जिले में चार स्थानों पर दस्तावेज की जांच के लिए केंद्र बनाए हैं। इनमें डिटेन किए गए लोगों को रखा गया है। परिवार वालों की ओर से वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने और सत्यापन किए जाने के बाद उन्हें छोड़ा जा रहा है। इस क्रम में पुलिस ने गुरुग्राम में रह रहे आठ बांग्लादेशियों की पहचान भी की है।
पुलिस ने सेक्टर-40 स्थित सामुदायिक केंद्र में 40, सेक्टर-10 स्थित सामुदायिक केंद्र में 47, बादशाहपुर स्थित सामुदायिक केंद्र में 100 और मानेसर स्थित सामुदायिक केंद्र में 30 लोगों को डिटेन करके रखा है। पुलिस शहर की झुग्गी-झोपड़ियों, निर्माणाधीन साइटों, घरों में काम करने वाली महिलाओं व पुरुषों, रेहड़ी लगाने वालों और किराए पर रहने वालों की पहचान करा रही है।
इन लोगों से उनके स्थायी निवास स्थान के बारे में जानकारी लेकर सत्यापन किया जा रहा है कि वे किस राज्य से आए हैं। संबंधित राज्य के स्थायी निवासी हैं या पहले भी किसी अन्य स्थान से आए हैं। इस कार्रवाई में काफी लोग बांग्लादेश के मिले हैं, जो अवैध रूप से गुरुग्राम में रह रहे हैं। गुरुग्राम में कब से रह रहे हैं, क्या-क्या दस्तावेज बनाए हैं सहित अन्य जानकारी संबंधी रिपोर्ट बनाई जा रही है। कई मामलों में सामने आया है कि काफी बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं ने गुरुग्राम का पता देकर अपने आधार कार्ड बनवा लिए हैं। इसमें उन्होंने यहां किराये पर कमरे लेकर स्थानीय पता दर्शाया है और गुरुग्राम के दस्तावेज तैयार करवा लिए। ऐसे में पुलिस विभाग ने मकान मालिकों को भी पूरी जांच के बाद ही कमरे किराए पर देने की बात कही है। वहीं, किराएदार का पुलिस सत्यापन करवाने के लिए भी निर्देश जारी किए हुए हैं।
गुरुग्राम छोड़कर जा रहे अवैध रूप से रहने वाले लोग
अवैध रूप से रहने वालों के दस्तावेज की जांच के बाद यह भी सामने आया है कि कुछ लोग गुरुग्राम छोड़कर जा रहे हैं, ताकि जांच के दौरान उनको गिरफ्तार न कर लिया जाए। शहर छोड़कर जा रहे इन लोगों के पास वैध दस्तावेज नहीं होने उनको गिरफ्तारी का डर है। यह लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में होने वाली आपराधिक घटनाओं में भी कमी आएगी।
वर्जन
दस्तावेज की जांच के दौरान आठ बांग्लादेशियों की पहचान की जा चुकी है। डिटेन किए गए लोगों को सुरक्षित रखा गया है। किसी भी व्यक्ति से कोई दुर्व्यवहार नहीं किया जा रहा। सामुदायिक केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। डिटेन किए गए सभी लोगों के वैध दस्तावेज जांचे जा रहे हैं।
संदीप कुमार, पुलिस प्रवक्ता