42 ट्यूबवेलों के कार्यों की विधायक ने की समीक्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। नूंह विधानसभा क्षेत्र के किसानों और आमजन को जलभराव तथा सेमग्रस्त भूमि की समस्या से राहत दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को गति देते हुए विधायक एवं हरियाणा विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष चौधरी आफताब अहमद ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, नूंह में सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में क्षेत्र के विभिन्न गांवों में चल रहे जल निकासी, ड्रेनेज व्यवस्था और सेमग्रस्त भूमि के स्थायी समाधान से जुड़े कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। विधायक ने बताया कि क्षेत्र में सेमग्रस्त भूमि की समस्या के स्थायी समाधान के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किए जा रहे हैं। करीब 3 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से लगभग दो दर्जन गांवों में 42 ट्यूबवेल स्थापित किए जा रहे हैं। इन ट्यूबवेलों के माध्यम से जमीन में जमा अतिरिक्त पानी को बाहर निकालकर भू-जल स्तर को संतुलित किया जाएगा, जिससे वर्षों से प्रभावित कृषि भूमि पुनः खेती योग्य बन सकेगी।
बैठक के बाद विधायक आफताब अहमद ने अधिकारियों के साथ संबंधित परियोजनाओं के स्थलों का दौरा कर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया तथा अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि नूंह विधानसभा क्षेत्र के अनेक गांव वर्षों से जलभराव और भूमि में बढ़ती सेम की समस्या से जूझ रहे हैं। इससे किसानों की खेती प्रभावित हो रही थी और हजारों एकड़ कृषि भूमि की उत्पादकता लगातार घट रही थी। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या को उन्होंने कई बार विधानसभा में प्रमुखता से उठाया और सरकार पर समाधान के लिए दबाव बनाया, जिसके परिणामस्वरूप अब क्षेत्र में बड़े स्तर पर परियोजनाएं शुरू हुई हैं।
उन्होंने बताया कि सुडाका गांव में लगभग 1 करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से ड्रेन सिस्टम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इसके पूरा होने से आसपास के क्षेत्रों में बरसाती और जमा होने वाले पानी की निकासी सुचारु हो सकेगी तथा किसानों और ग्रामीणों को जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।
इसी प्रकार बैंसी गांव में 84 लाख रुपये की लागत से ड्रेन निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और यह भी जल्द पूरा होने की स्थिति में है। इस परियोजना के पूरा होने से दर्जनों गांवों को फायदा मिलेगा और लंबे समय से बनी जल निकासी की समस्या का समाधान होगा।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने विधायक को बताया कि सभी परियोजनाओं पर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है और निर्धारित समयावधि में इन्हें पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। विधायक ने अधिकारियों को गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न करने तथा नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।