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30 जून से पहले दुरुस्त होंगे 413 रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर

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गुुरुग्राम। जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने बुधवार को रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग स्ट्रक्चर की स्थिति की जानकारी लेने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिन विभागों के अधिकार क्षेत्र में रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग स्ट्रक्चर बने हुए हैं, उन्हें हर हाल में 30 जून तक दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग मानसून से पहले बरसाती जल के संचय का उचित प्रबंधन कर लें।
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बैठक में बताया गया कि रेन वॉटर हॉर्वेस्टिंग के 413 स्ट्रक्चर नगर निगम क्षेत्र में पड़ते हैं, जिनका सर्वे वॉपकोस एजेंसी के सहयोग से करवाया जा रहा है। निगम अधिकारियों ने बताया जिन स्ट्रक्चरों में खामी पाई जा रही है, उन्हें दुरुस्त भी कराया जा रहा है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि नगर निगम समेत सभी एजेंसियां रेन वाटर स्ट्रक्चर की जांच करवाएं और उनकी मैपिंग करके वन मैप गुरुग्राम पर अपलोड करें। डॉ. गर्ग ने कहा कि नगर निगम के अलावा मानेसर नगर निगम व ग्रामीण क्षेत्र में भी रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों का सर्वे करवाएं और जहां आवश्यकता हो वहां पर नए स्ट्रक्चर भी बनवाए जाएं।
बनाए जाएंगे 150 नए स्ट्रक्चर
नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि अगले वित्त वर्ष में 150 नए स्ट्रक्चर बनवाने का लक्ष्य रखा गया है। जिले में सड़कें, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज समेत अन्य बड़ी परियोजनाएं महानगर विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में पड़ती हैं। जीएमडीए के अधिकारियों ने बताया कि अरावली क्षेत्र में बड़े-बड़े बेसिन और चैकडैम बनाकर बरसाती पानी उनमें इकट्ठा किया जाएगा। प्राधिकरण ने बड़ी सड़कों के साथ बनी ग्रीन बेल्ट के लेवल को सड़क से नीचा रखने का निर्णय लिया है।
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सर्वे के दौरान गड़बड़ी पाए जाने पर ओसी होगी कैंसिल
उपायुक्त ने कहा कि जिन परिसरों में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग के स्ट्रक्चर लगे हुए हैं, उनकी मैनेजमेंट या संबंधित आरडब्ल्यूए उन स्ट्रक्चरों की जांच करवाकर उनका सही ढंग से संचालन होना सुनिश्चित करें। बाद में सर्वे के दौरान यदि रेन वॉटर हार्वेस्टिंग का स्ट्रक्चर ठीक नहीं पाया गया, तो उन्हें नोटिस जारी करते हुए उनका ओसी भी कैंसल किया जा सकता है। डॉ. गर्ग ने कहा कि स्ट्रक्चरों के सर्वे के लिए अधिकारियों की टीमें गठित की जाएंगी जो जिले के अलग-अलग हिस्सों में काम करेंगी। ऐसे में ऐक्शन प्लान बनाकर काम किया जाए। शुरुआती दौर में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, होटल, कॉर्पोरेट कंपनियों, उद्योगों आदि के कार्यालय परिसरों का सर्वे किया जाएगा। उसके बाद निजी घरों का सर्वे होगा।
हर माह होगी समीक्षा
उपायुक्त ने कहा कि वे हर माह इस कार्य की समीक्षा खुद करेंगे। लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में नगर व ग्राम आयोजना विभाग के सहयोग से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चरों का सर्वे करवाया जाएगा। इस मौके पर मुख्य अभियंता, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान, नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग से एटीपी सुरेखा यादव, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से एसडीओ रामपाल यादव आदि के अधिकारी मौजूद रहे।
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