गुरुग्राम तहसील में आयकर विभाग का छापा, वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक हुईं रजिस्ट्री के रिकार्ड खंगाले
पैन नंबर चुराकर किया गया गोलमाल, राजस्व विभाग की टीम जांच में जुटी
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। साइबर सिटी में मोटी रकम देकर रजिस्ट्री कराने वालों के गोलमाल के चलते आयकर विभाग को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को गुरुग्राम तहसील में छापा मारकर वर्ष 2020 से 2025 तक 25 हजार से अधिक ऐसी रजिस्ट्री का खुलासा हुआ है जिनकी खरीद-फरोख्त में 39 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ट्रांजक्शन हुई है। खामी यह रही है कि राजस्व विभाग की ओर से इनका पैन नंबर नहीं दर्ज किया गया है जिससे आयकर विभाग को करोड़ों की चोरी का अनुमान है। आयकर विभाग की टीम ने राजस्व विभाग से रिकाॅर्ड लेने के साथ ही चेतावनी दी है कि वह सही तरीके से रजिस्ट्री के दौरान जानकारी जुटाए।
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार गुड़गांव की तहसील में होने वाली रजिस्ट्री के दौरान गोलमाल का अंदेशा था जिसके बाद सात सदस्यीय टीम ने लघु सचिवालय के प्रथम तल पर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय में छापा मारा। टीम सुबह 10 बजे कार्यालय पहुंच गई थी जहां पर वर्ष 2020 से वर्ष 2025 तक हुईं रजिस्ट्री के रिकार्ड खंगाले गए। इसमें से मोटी रकम देकर खरीदी गई जमीन पर आयकर विभाग की खास नजर है। इनमें लगभग 39 हजार करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई। प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त करने वालों की ओर से पैन नंबर का जिक्र नहीं किया गया है। इसमें से बहुत लोग ऐसे हैं जिन्होंने अपनी रिटर्न में इस प्राॅपर्टी का जिक्र ही नहीं किया है। आयकर विभाग की ओर से राजस्व विभाग को चेतावनी दी गई है कि पहले की रजिस्ट्री के फॉरमेट में पैन नंबर की जगह है। इसके बाद भी राजस्व विभाग की ओर से इसे भरने में लापरवाही की गई है।
वजीराबाद तहसील में मिली थीं अनियमितताएं
आयकर विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही राजस्व विभाग के कर्मचारियों की ओर से पहले ही उजागर की जा चुकी है जिसमें वजीराबाद तहसील अव्वल रही है। यहां पर बिल्डरों के बड़े प्रोजेक्ट हैं।
आयकर विभाग की टीम की ओर से गुरुग्राम तहसील में पांच साल के दौरान हुईं रजिस्ट्री की छानबीन की गई है। इस दौरान पैन नंबर न दिए जाने जैसी अनियमितता भी सामने आई है।
- विजय यादव, जिला राजस्व अधिकारी, गुरुग्राम