सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने, ग्रीन बेल्ट के रखरखाव और ड्रेनेज की सफाई पर रहेगा विशेष जोर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर की बदहाल सड़कों, गंदगी और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए अधिकारियों को 30, 60 और 90 दिन की समय सीमा में कार्ययोजना बनानी होगी। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने शनिवार को नगर निगम अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 100 रोड चैलेंज के दायरे से बाहर की सड़कों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। मुख्य सड़कों को गड्ढामुक्त बनाने, फुटपाथों की मरम्मत, ग्रीन बेल्ट के रखरखाव और ड्रेनेज की सफाई पर विशेष जोर रहेगा।
मीणा ने स्पष्ट किया कि सड़कों की सफाई और सुधार के काम केवल कागजों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। कार्यों की नियमित निगरानी के लिए प्रभावी मॉड्यूल तैयार किया जाए। इससे हर सड़क की प्रगति और काम की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि एक महीने बाद वह स्वयं शहर की सड़कों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान कम से कम 20 ऐसी सड़कों का दौरा किया जाएगा, जिन्हें निर्धारित मानकों के अनुसार विकसित किया गया होगा। बैठक में अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
कचरा प्रबंधन और जीवीपी पर कार्रवाई
गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) की समस्या पर आयुक्त ने कहा कि केवल कचरा उठाने से स्थायी समाधान नहीं होगा। अधिकारियों को यह पता लगाना होगा कि इन स्थानों पर कचरा कौन और कहां से डाल रहा है। कचरा डालने के स्रोत की पहचान कर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे इन स्थानों पर दोबारा कचरा जमा न हो। सड़कों के किनारे निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी) वेस्ट, बागवानी कचरे और अन्य कचरे के ढेर नहीं लगने चाहिए। कुछ स्थानों पर पायलट आधार पर स्मार्ट डस्टबिन लगाने के निर्देश भी दिए गए।
शिकायतों का वास्तविक निस्तारण
24 घंटे चैलेंज के तहत मिलने वाली शिकायतों की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने कहा कि किसी भी शिकायत को गलत तरीके से बंद नहीं किया जाए। समाधान वास्तविक स्थिति के आधार पर होना चाहिए। तय समय सीमा में शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर लगने वाली पेनल्टी के लिए अलग-अलग श्रेणियां बनाई जाएं। इसमें संबंधित एजेंसी और कर्मचारी की जिम्मेदारी तय की जाए। इससे शिकायतों के समाधान में लापरवाही नहीं होगी।
घर-घर संग्रहण और एक्सप्रेसवे की सफाई
घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 28 अक्तूबर को संबंधित एजेंसी 100 गाड़ियां उपलब्ध कराएगी। इन्हें नगर निगम के जोन-2 में तैनात किया जाएगा। आयुक्त ने निर्देश दिए कि नई व्यवस्था शुरू होते ही वाहनों की तैनाती, निर्धारित रूट और कचरा संग्रहण की निगरानी की जाए। सड़क साफ करने वाली मशीनों की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखने की जिम्मेदारी संबंधित संयुक्त आयुक्तों को सौंपी गई। आयुक्त ने दिल्ली-जयपुर एक्सप्रेसवे पर सफाई, सर्विस लेन और ग्रीन बेल्ट की स्थिति सुधारने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए एनएचएआई के साथ समन्वय किया जाएगा।